Raebareli News: स्वास्थ्य विभाग में ई रिक्शा और पिकअप से स्कूल जाने का हुआ आइजीआरएस पर खुलासा

Raebareli News: आईजीआरएस पर हुई शिकायत पर अधिकारियों के जवाब ने सभी को चौंका दिया है। विभाग ने ई रिक्शा व पिकअप के नंबर दे दिए हैं।

Narendra Singh
Published on: 27 May 2025 7:37 AM IST
Raebareli News: स्वास्थ्य विभाग में ई रिक्शा और पिकअप से स्कूल जाने का हुआ आइजीआरएस पर खुलासा
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Raebareli News: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार बेहतर बनाने का काम करते रहे हो मगर जिम्मेदार लोग अपने भ्रष्टाचारी नीति से मानने को तैयार नहीं है ताजा मामला स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के गृह जनपद रायबरेली का है जहां पर स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत अनुबंधित 54 लग्जरी वाहनों में घालमेल की आशंका हुई हैं।

आईजीआरएस पर हुई शिकायत पर अधिकारियों के जवाब ने सभी को चौंका दिया है। विभाग ने ई रिक्शा व पिकअप के नंबर दे दिए हैं। इन्हीं वाहनों से डॉक्टरों की टीम स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सेहत, की देख भाल जांचती है।आरबीएसके के तहत स्कूलों में बच्चों की सेहत जांच के लिए रोजाना स्वास्थ्य विभाग की टीमें पहुंचती हैं। टीमों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए वाहन अनुबंधित हैं।अमेठी जिले के पीपरपुर भादर निवासी उमाशंकर तिवारी ने एआरटीओ से भी वाहनों का सत्यापन नहीं कराया

स्वास्थ्य विभाग में लगाए गए सभी वाहनों का सत्यापन अब तक परिवहन विभाग से नहीं कराया गया है। उधर, शिकायतकर्ता ने एआरटीओ को अस्पतालों में लगाए गए 21 वाहनों की सूची आईजीआरएस के माध्यम से उपलब्ध कराई है। आरोप लगाया कि किसी का बीमा नहीं है तो किसी का टैक्स जमा नहीं किया गया। निजी वाहनों को भी नियम के विपरीत लगाया गया है। कई वाहनों का फिटनेस भी खत्म हो चुका है, लेकिन ठेकेदार ने वाहनों को अस्पतालों में संचालित करा दिया है।अगर मानक की बात की जाए तो 2021 मॉडल की गाड़ियों का जिक्र है जिसमें एक्सयूवी 500 जैसी गाड़ियों का जिक्र है उनकी जगह पर स्विफ्ट डिजार से काम चलाई जा रही है।

आरबीएसके के तहत वाहनों के ठेका में मनमानी का आरोप लगाते हुए एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शिकायत की है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में दिए गए नंबरों के वाहन अस्पतालों में नहीं लगाए गए हैं। अस्पतालों में लगाए गए वाहनों के कागजात भी अधूरे होने के आरोप हैं। व्यावसायिक पंजीयन के वाहन लगाने के आदेश हैं, लेकिनप्राइवेट वाहन लगाए गए हैं। निस्तारण में त्रुटिवश ऐसा हुआ होगा। सत्यापन के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली ने बताया की इसकी जांच की जा रही है दो दिन के अंदर जांच रिपोर्ट आ जाएगी।

यूपी 33 बीटी 8698 परिवहन विभाग में ई-रिक्शा दर्ज है। इसी तरह दीनशाह गौरा में आईजीआरएस संख्या 40015825012268 में दिए गए वाहनों में यूपी 33 बीटी 0012 परिवहन विभाग में पिकअप के रूप में पंजीकृत है। ऑनलाइन अपलोड शिकायत को सच माना जाए तो इन वाहनों को डॉक्टरों की टीम स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की सेहत जांच रही है। वही एआरटीओ परिवर्तन मनोज कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इन गाड़ियों की हम जांच कर रहे हैं। अगर ऐसा कर रहे हैं तो यह नियम विरुद्ध।

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