Raebareli News: यूपी में PLDT से ट्रेस होगी वाहन की लोकेशन, लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान: परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह

Raebareli News: उत्तर प्रदेश सरकार वाहनों को ट्रैक करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही सभी वाहनों में पीएलडीटी तकनीक को अनिवार्य किया जाएगा, जिससे दुर्घटना के बाद भागने वाले वाहनों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

Narendra Singh
Published on: 22 Jun 2025 12:41 PM IST (Updated on: 22 Jun 2025 12:51 PM IST)
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Raebareli News: रायबरेली उत्तर प्रदेश सरकार वाहनों को ट्रैक करने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जल्द ही सभी वाहनों में पीएलडीटी तकनीक को अनिवार्य किया जाएगा, जिससे दुर्घटना के बाद भागने वाले वाहनों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। यह तकनीक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के साथ वाहनों की रियल टाइम गतिविधि को जानने में मदद करेगी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रायबरेली में बताया कि इस तकनीक के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही इसे सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया जाएगा। इससे दुर्घटना के बाद वाहन और ड्राइवर बदलकर बीमा वसूलने वालों पर भी रोक लग सकेगी।इसके अलावा परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए जल्द ही हर जिले में दो निजी मोटर ट्रेनिंग स्कूलों को अधिकृत किया जाएगा, जहां से ट्रेनिंग लेकर कोई भी अपना प्रमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेगा। लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पिछले दो सालों से चल रही है, जिससे लोग घर बैठे अपने मोबाइल या जनसुविधा केंद्र से लर्निंग लाइसेंस बनवा सकते हैं।

नए बदलावों के मुख्य बिंदु

पीएलडीटी तकनीक: वाहनों को ट्रैक करने के लिए अनिवार्य होगी, जिससे दुर्घटना के बाद भागने वाले वाहनों को पकड़ने में मदद मिलेगी।

- प्रमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस: निजी मोटर ट्रेनिंग स्कूलों को अधिकृत किया जाएगा, जहां से ट्रेनिंग लेकर लोग अपना प्रमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे।

- लर्निंग लाइसेंस: ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाया जा सकता है।

- एनुअल फास्टैग पास: 15 अगस्त से लागू होगा, जिसमें यूजर्स को साल भर में केवल एक बार 3000 रुपये की रकम खर्च करनी होगी। यह पास 1 साल या 200 यात्राओं तक के लिए वैलिड रहेगा।

इन बदलावों का उद्देश्य वाहनों की सुरक्षा और यातायात को बेहतर बनाना है। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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