TRENDING TAGS :
Shamli News: शामली में बाढ़ का कहर, 8000 बीघा से ज्यादा फसलें बर्बाद — डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण
Shamli News: शामली में यमुना नदी की बाढ़ से 8000 बीघा फसल बर्बाद, किसानों ने मांगा मुआवजा।
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यमुना नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण करीब 8000 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि पर खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इस आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है, जो अब सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहे हैं।
दरअसल आपको बता दे मामला जनपद शामली के करना थाना क्षेत्र के यमुना हरियाणा बॉर्डर का है जहां पर यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए 3 लाख क्यूसेक से अधिक पानी के कारण यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। पिछले तीन दिनों से शामली में हो रही लगातार बारिश ने हालात को और भी बिगाड़ दिया है। जिससे कई गांवों में जलभराव हो गया है और खेतों में खड़ी धान, मक्का, गन्ना, बाजरा, उड़द और सब्जियों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए शामली के जिलाधिकारी अरविंद कुमार पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जगह-जगह तैनात हैं और ग्रामीणों को यमुना नदी के नजदीक जाने से मना किया जा रहा है।
यमुना के किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और राहत व बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
गांव हैदर पुर के किसान नौशाद की 20 बीघा गोभी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। नौशाद का कहना है कि, "हर साल की मेहनत पानी में बह गई। यमुना का पानी खेतों में घुस आया है और अब हमारी जमीन भी धीरे-धीरे कट रही है। सरकार से निवेदन है कि हमें तत्काल मुआवजा दिया जाए ताकि हम अपने परिवार का पेट पाल सकें।"कई अन्य किसानों ने भी प्रशासन से सहायता की मांग की है, फिलहाल प्रशासन सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मौसम की मार और यमुना की तबाही ने किसानो की कमर तोड़ कर रख दी है।


