Shravasti News: श्रावस्ती में धूमधाम से मनाया जा रहा है गुरु पूर्णिमा पर्व, मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

Shravasti News: बृहस्पतिवार को सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इस अवसर पर लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार, प्रतिष्ठित पूज्य स्थल पर जाकर यह विशेष पूजा करते हैं।

Radheshyam Mishra
Published on: 10 July 2025 7:12 PM IST
Guru Purnima festival is being celebrated with great pomp in Sravasti, devotees crowd in temples
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श्रावस्ती में धूमधाम से मनाया जा रहा है गुरु पूर्णिमा पर्व, मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ (Photo- Newstrack)

Shravasti News: गुरु पूर्णिमा पर वृहस्पतिवार को श्रावस्ती के तहसील इकौना अन्तर्गत सीता द्वार के रामायण काल के मंदिर श्रृषि बाल्मिकी समेत सीता माता मंदिर और तहसील भिनगा के सिद्धपीठ जगपति धाम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने-अपने गुरु से आशीर्वाद लेने आए श्रद्धालुओं की वजह से प्रमुख मंदिरों पर भीड़ देखने को मिली। जगपति धाम मंदिर में भारी संख्या में लोग अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए पहुंचे। यही हाल सीता द्वार में माता सीता और महर्षि बाल्मीकि मंदिर का रहा है।

भिनगा तहसील के लक्ष्मण बैराज स्थित जगपति धाम मंदिर में वृहस्पतिवार को गुरु पूर्णिमा का विशेष आयोजन हुआ।

बृहस्पतिवार को सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इस अवसर पर लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार, प्रतिष्ठित पूज्य स्थल पर जाकर यह विशेष पूजा करते हैं। गुरु पूर्णिमा पर्व बड़े ही श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर यहां विविध धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।जगपति धाम के महंत कुमारी रिता गिरि ने लोगों का विधिविधान से पूजन-अर्चन कराया । महंत महाराज ने बताया कि इस दिन यहां पर मंदिर परिसर पर गुरु पूर्णिमा पर विशेष आयोजन होता है।

बताया कि आज के दिन यहां हर साल विशाल अटूट भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। शाम को भजन संध्या का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें क्षेत्रभर के भक्त सम्मिलित होंगे।जगपति धाम मंदिर में यह आयोजन हर वर्ष होता है। नेपाल सीमा से सटे इस मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचे।

वहीं दूसरी ओर पांडवकालीन विभूति नाथ मंदिर में भी गुरु पूर्णिमा की विशेष छटा देखने को मिली। मंदिर के महंत ने भक्तों संग पूजन करते हुए गुरुदेव भगवान से क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। भक्तों ने गगनभेदी मंत्रोच्चार के साथ गुरु की महिमा का गुणगान किया।

वही सीताद्वार और बाल्मीकि मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। मंहत संतोष दास तिवारी ने लोगों को विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद का वितरण किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर सीता द्वार मंदिर पहुंचे भाजपा श्रावस्ती विधायक पंडित राम फेरन पांडेय ने महंत संतोष दास तिवारी को अंग वस्त्र और साल भेंट किया तथा विधिवत पूजा अर्चना की। साथ ही मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन का आयोजन किया गया।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरुओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम में भंडारे का भी आयोजन किया गया। बता दें कि गुरु पूर्णिमा, जिसे आषाढ़ पूर्णिमा, व्यास पूर्णिमा व वेदव्यास जयंती भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। मान्यता है कि इसी दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, जिन्होंने पहली बार इस जगत को चारों वेदों का ज्ञान दिया था। इसी कारण उन्हें प्रथम गुरु की उपाधि मिली है।

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