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Shravasti News: उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से लोग बेहाल, DM-MP-MLA के निर्देश भी बेअसर
Shravasti News: जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल है, वहाँ भी उपभोक्ताओं को दिन भर में डेढ़ से दो घंटे की ही बिजली मिल पा रही है।
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Shravasti News: सावन के मौसम में उमस और गर्मी अपने चरम पर है, लेकिन जिले की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जिन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल है, वहाँ भी उपभोक्ताओं को दिन भर में डेढ़ से दो घंटे की ही बिजली मिल पा रही है। यह व्यवस्था कब सामान्य होगी, इस बारे में पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी भी कुछ स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।
बता दें कि बिजली आपूर्ति दुरुस्त रखने के लिए जर्जर व ढीले तारों को ठीक करने और खंभों की स्थिति सुधारने पर लगातार काम होता है। इसके एवज में भारी-भरकम बजट भी खर्च किया जाता है, लेकिन श्रावस्ती जिले में स्थिति तब ही बिगड़ती है जब बिजली महकमे की नींद खुलती है। बीती रात बारिश शुरू होने से घंटों पहले ही गिलौला, भंगहा व सिरसिया क्षेत्र के सैकड़ों गाँवों की बिजली गुल हो गई। बारिश शुरू होने के बाद भिनगा व इकौना नगर, गिलौला समेत पूरे जिले की आपूर्ति ठप हो गई। लोगों की बार-बार मांग और पूरे दिन की कोशिश के बाद कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन कई इलाकों में बिजली गुल रही। कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल समेत सरकारी कार्यालयों में भी बिजली न होने से जनरेटर के सहारे काम चलाया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि लगातार बारिश के चलते कुछ स्थानों पर खराबी आई है। कई इलाकों का पैनल फुंक गया है और कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी जले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि फाल्ट को दुरुस्त कर शीघ्र आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
विद्युत आपूर्ति न होने से लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जैसे मोबाइल चार्ज करने में परेशानी और व्यापार में रुकावट। कई इलाकों में बिजली कटौती लगातार जारी है, जिससे न केवल आम लोगों को, बल्कि व्यापारियों और छात्रों को भी दिक्कत हो रही है। गर्मी के मौसम में बिजली की कटौती से सबसे ज्यादा बच्चों को सोने में परेशानी हो रही है और कुछ बच्चे बीमार भी पड़ रहे हैं। इसके अलावा, लाइन पर अत्यधिक भार के कारण बिजली व्यवस्था बिगड़ रही है। लोगों का यह भी कहना है कि रात में भी बार-बार बिजली कटौती होती रहती है। उपभोक्ताओं ने जनसुनवाई पोर्टल और अन्य माध्यमों से शिकायत भी की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उपभोक्ताओं ने 10 एमबी का ट्रांसफॉर्मर लगाने और अतिरिक्त भार कम करने की मांग की है। उनका सुझाव है कि लाइन पर न्यूनतम गाँवों का ही कनेक्शन रखा जाए। हाल ही में डीएम अजय कुमार द्विवेदी के साथ सांसद और विधायक ने विद्युत विभाग की बैठक में अधिकारियों को हड़काया भी था, लेकिन उन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। पावर हाउस वाले भी टोल फ्री नंबर नहीं उठाते, और अगर उठाते हैं तो सही जानकारी नहीं देते हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।


