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Sonbhadra News; सोनभद्र–अंबिकापुर–रेणुकूट रेल लाइन बनेगी आर्थिक, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन कॉरिडोर
Sonbhadra News; अंबिकापुर-रेनुकूट रेल लाइन 32 कोयला ब्लॉकों और प्रमुख केंद्रों को जोड़कर शिक्षा, पर्यटन और रोज़गार को बढ़ावा देने का वादा करती है। स्थानीय कार्यकर्ता इसे 2026-27 के बजट में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
Sonbhadra News (Social Media image)
Sonbhadra News; अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन के निर्माण की मांग लगातार तेज हो जाती है। छत्तीसगढ़ विधानसभा की ओर से जहां इसको लेकर प्रस्ताव पास किया जा चुका है। वहीं, यहां के सीएम विष्णुदेव साय इसको लेकर लगातार अपनी ओर से पहल जारी रखने का भी दावा कर चुके हैं। अब इस मांग को धार देने के लिए सरगुजा रेल संघर्ष समिति की तरफ से चरणवार पदयात्रा का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में बुधवार को पदयात्रा निकालते हुए, जहां अंबिकापुर प्रशासन के जरिए रेलमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए, वर्ष 2026-27 के आम बजट में, इस लाइन के निर्माण की घोषणा किए जाने की मांग उठाई गई। वहीं, दावा किया गया कि अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन का निर्माण यूपी-छत्तीसगढ़ के बीच जहां शिक्षा, रोजगार और पर्यटन का बड़ा कारीडोर तैयार करेगा। वहीं, इस प्रस्तावित रेलमार्ग पर पड़ने वाले 32 कोल ब्लाक भी आर्थिक विकास की नई गाथा लिखते दिखाई देंगे।
पुरी-प्रयागराज का सीधा जुड़ाव, दंडकारण्य तक होगी सीधी पहुंचः संघर्ष समिति
रेल संघर्ष के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज तिवारी ने प्रस्तावित रेल मार्ग के सर्वेक्षण के साथ ही, इसका डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट रेलवे बोर्ड में जमा की जा चुकी है। अब इसे बजट में इसे शामिल करते इसका शीघ्र निर्माण शुरू किया जाना चाहिए। कहा कि प्रयागराज और वाराणसी सिर्फ यूपी ही नहीं, पूरे देश के शैक्षणिक हब हैं। प्रस्तावित रेल मार्ग के निर्माण से जहां छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर-सरगुजा एरिया के छात्रों की सीधी पहुंच हो जाएगी। वहीं, एशिया का सबसे बड़े अल्मुनियम प्लांट हिण्डाल्को इंडस्ट्रीय रेणुकूट, सोनभद्र के साथ ही, सिंगरौली स्थिति बिजलीघरों, कोल प्रोजेक्टों तक सीधी पहुंच सुविधा मिलने से सोनभद्र के साथ ही, छत्तीसगढ़ के सरगुजा सेक्शसन के युवाओं के लिए रोजगार का भी बड़ा अवसर उपलब्ध हो सकेगा। पुरी का प्रयागराज से सीधा जुड़ाव के साथ ही, छत्तीसगढ़ स्थित भगवान राम से जुड़े स्थलों तक (दंडकारण्य एरिया) यूपी के लोगों की भी रेल मार्ग की सीधी पहुंच धार्मिक के साथ ही प्राकृतिक पर्यटन का एक नया कारीडोर तैयार करेगी।
छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प के लिए बनारस बनेगा बड़ा बाजारः
वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ प्रभुनारायण वर्मा का कहना था कि नए रेलमार्ग से सरगुजा के स्थानीय उत्पाद, हस्तकला, शिल्प कला के लिए जहां बनारस एक बड़ा बाजार बनेगा। वहीं, बीएचयू और पीजीआई से सीधा जुड़ाव छत्तीसगढ़ के लोगों को बड़ी राहत देगा। सथ ही अंबिकापुर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की दूरी भी कम हो जाएगी। हिंदू धर्म के संस्कारों में वाराणसी और प्रयागराज का अत्यधिक महत्व है, इस दृष्टि से भी यह रेलमार्ग उपयोगी साबित होगा।
अधिक उपयोगी और कम खर्चीली है प्रस्तावित अंबिकापुर-रेणुकूट रेलवे लाइन:
क्षेत्रीय रेलवे उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति प्रयागराज के सदस्य एसके गौतम और विलासपुर के सदस्य मुकेश तिवारी का कहना है कि अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन अधिक व्यावहारिक, अधिक उपयोगी और कम खर्चीली है। लगभग 15,000 लोग प्रतिदिन अंबिकापुर रेणुकूट सड़क मार्ग से आवागमन करते हैं। वहीं प्रस्तावित मार्ग में 7200 मिलियन टन कोयला उत्पादन क्षमता रखने वाले 32 कोल ब्लॉक स्थित है। बॉक्साइट, यूरिया, अनाज, व्यावसायिक फसल के साथ ही, सोनभद्र में चिन्हित की गई लौह अयस्क की दो खदानों के लिए, यह रेल मार्ग महत्वपूर्ण साबित होगा है।
उठाई जा रही मांग को इनका मिला समर्थन:
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश मंत्री गोपाल अग्रवाल, व्यापारी संगठन कैट के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, जनार्दन त्रिपाठी, अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत वेदांती महाराज, अभिषेक सिंह, कांत दुबे, मंगल पांडेय, प्रभुनारायण वर्मा, अजय तिवारी, कैलाश मिश्रा, कान्हा अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अमित बंसल, ऋषि अग्रवाल, अनंगपाल दीक्षित, विजय सोनी, शिवेश सिंह, प्रकाश साहू, जितेंद्र सिंह, विनीत सेठी, मुकेश तिवारी, वेदांत तिवारी, नगीना सिंह, परमानंद तिवारी, दीपक गर्ग, सुजीत सिंह, रमेश द्विवेदी, प्रियेश अग्रहरि, राहुल त्रिपाठी, अंचल ओझा, दिनेश तिवारी, निशिकांत भगत, सुभाष गुप्ता, पंकज चौधरी, राकेश शुक्ला, राघवेंद्र सिंह, प्रदीप शुक्ला, विमलेश त्रिपाठी, सक्षम गुप्ता, मनीषा सिंह, हनी गुप्ता, पूजा पांडेय, शुभांसी पात्रा, उज्ज्वल तिवारी, मनोज भारती, कैलाश ठाकुर, रवि तिवारी, योगेश सोनी, संजय सोनी, शुभम जायसवाल, अंशुल सिंह, विवेक श्रीवास, शिवराज सिंह, राहुल गुप्ता, अमन श्रीवास्तव, मुकेश दुबे, सुनील साहू, समित मुंडा, रमेश साहू , निशांत जायसवाल, नीरज साहू, नितेश, संदीप दास, उदय साहू, विक्की साहू, राहुल साहू, ननकु मुंडा , लाला साहू, विशाल साहू, अनिल तिवारी, रामकुमार सिंह, अनिरुद्ध मिश्रा, मो. एहसान, राहुल वर्मा, मोतीलाल राजवाड़े, दिलीप पटेल, चंद्रकांत साहू, पंकज सिंह, संतोष देवांगन, संजय गौतम, दशरथ कश्यप, प्रीतम सिंह, संदीप गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश मिश्रा, शिवेश सिंह,जितेंद्र सिंह, अजय शुक्ला बाबा सहित अन्य ने प्रस्तावित रेल लाइन का निर्माण जल्द शुरू किए जाने की उठाई जा रही मांग का पदयात्रा के जरिए समर्थन किया।


