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Sonbhadra News : खाद की कालाबाजारी के विरोध में कांग्रेसियों का प्रदर्शन, कहा-खाद-बीज, सिंचाई के लिए किसानों को हो रही खासी परेशानी:
Sonbhadra News : किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई की अविलंब उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने की मांग करते हुए, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मांगों के प्रति संजीदगी न दिखाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
Sonbhadra farmers protest
Sonbhadra News: एक तरफ जहां जिला प्रशासन सहकारी समितियों में लगातार खाद के आवंटन का दावा कर रहा है। वहीं, कई समितियों पर खाद का टोटा होने की मिलती शिकायतों के साथ ही, कांग्रेसियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर खाद की कालाबाजारी किए जाने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई की अविलंब उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने की मांग करते हुए, जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मांगों के प्रति संजीदगी न दिखाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
अगुवाई कर रहे जिलाध्यक्ष रामराज सिंह गोंड ने कहा की किसानों को अन्नदाता का दर्जा हासिल है लेकिन इन दिनों अन्नदाता खाद, बीज और सिंचाई की सुविधा को लेकर परेशान है। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानो की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। वायदा किया गया कि आय दोगुनी होगी लेकिन किसानों को खाद-बीज ऊंचे दामों पर खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
शहर कॉंग्रेस अध्यक्ष फरीद अहमद ने कहा कि ग्रामीण अचंलों में अंधाधुध कटौती से जहां किसानों को सिचाई की सुविधा सही तरीके से नहीं मिल पा रही है। वहीं खाद के लिए किसानों को कभी समिति तो कभी बाजार का चक्कर काटना पड़ रहा है। इसके चलते किसानों को या तो ब्लैकमार्केटिंग में खाद खरीदनी पड़ रही है। या फिर निजी दुकानदारों की तरफ से खाद खरीदारी के लिए, दूसरे उत्पादों को खरीदने की थोपी गई शर्त पूरी करनी पड़ रही है।
जिला प्रवक्ता शत्रुंजय मिश्रा ने कहा की महिलाएं, आदिवासी,ं युवा, दलित, पिछड़े सभी उत्पीड़न के दौर से गुजर रहे हैं। कानून व्यवस्था के नाम पर सिर्फ रसूखदारों को ही राहत दी जा रही है। सड़के गढ्ढे मे तब्दील हैं। जलजामाव जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
जिला उपाध्यक्ष बृजेश त्रिपाठी एवं जिला महासचिव दया शंकर देव पांडे ने कहा कि एक तरफ जहां किसान खाद-बीज के लिए परेशान है। वहीं, फसल होने पर उचित दाम के लिए भी उसे यहां वहां भटकना पड़ता है।मदद न मिलने पर बिचौलियों का सहारा लेने के लिए विवश हो जाता है।राजबली पांडेय, बाबूलाल पानिका, सिराज हुसैन, लल्लू राम पांडेय, अमरेश देव पांडेय, आशुतोष दूबे, पंकज मिश्रा, आशीष सिंह, स्वतंत्र साहनी, मंजू देवी, सुनील मिश्रा, सूरज बर्मा, सहित अन्य ने भी किसानों से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाई और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा


