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Sonbhadra News: मेट्रोमोनियल एड से हुई शादी दो साल में टूटी, दहेज उत्पीड़न का आरोप, पति सहित चार पर केस दर्ज
Sonbhadra News: मांगें पूरी न होने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। रिश्तेदारों के ज़रिए हुई पंचायत का भी कोई नतीजा न निकलने पर पीड़िता ने एसपी से गुहार लगाई।
मेट्रोमोनियल एड से हुई शादी दो साल में टूटी, दहेज उत्पीड़न का आरोप (photo: social media )
Sonbhadra News: सोनभद्र में मेट्रोमोनियल एड (विवाह विज्ञापन) के ज़रिए तय हुआ एक रिश्ता दो साल भी ठीक से नहीं चल पाया। एक महिला ने अपने पति सहित चार लोगों पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि उसे कानपुर से हरियाणा और फिर हरियाणा से भुवनेश्वर (ओडिशा) ले जाकर लगातार टॉर्चर किया गया। मांगें पूरी न होने पर मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया गया। रिश्तेदारों के ज़रिए हुई पंचायत का भी कोई नतीजा न निकलने पर पीड़िता ने एसपी से गुहार लगाई। एसपी के निर्देश पर राबटर्सगंज कोतवाली पुलिस ने पति सहित चार लोगों के खिलाफ बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न), 323 (मारपीट), 504 (अपमानित करना), 506 (धमकाना) और डीपी एक्ट की धारा 3/4 (दहेज प्रतिषेध अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया है। प्रकरण की छानबीन शुरू कर दी गई है।
शादी और दहेज की मांग:
राबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की शादी 10 जुलाई 2018 को मयंक ओझा पुत्र स्व. शिवकुमार, निवासी हुतलागंज, कानपुर से हुई थी। यह रिश्ता पेपर में दिए गए मेट्रोमोनियल एड के ज़रिए तय हुआ था। आरोप है कि शादी का प्रस्ताव मयंक की बहन और जीजा राहुल उपाध्याय की तरफ से आया था। उस दौरान मयंक पटौदी, हरियाणा में रहकर एक लॉजिस्टिक कंपनी में काम कर रहा था। हरियाणा में ही शादी की पूरी बातचीत फाइनल हुई थी। मयंक के पिता के जीवित न रहने के कारण शादी की ज़िम्मेदारी उसके बहन-जीजा ने संभाली थी। 27 जून 2018 को कानपुर में तिलक का कार्यक्रम हुआ था। आरोप है कि वहाँ पीड़िता की सास तथा दूल्हे के बहन-जीजा की तरफ से 10 लाख रुपये दहेज की मांग की गई। काफी आरजू-मिन्नत के बाद, चार लाख का चेक और एक लाख नकद तिलक की थाली में चढ़ाने पर बात आगे बढ़ी। आरोप है कि शादी के दिन भी दहेज को लेकर खासा विवाद किया गया। 11 जुलाई 2018 को वह विदा होकर कानपुर स्थित ससुराल पहुँची। आरोप है कि वहाँ पहले दिन से उसे किसी न किसी बहाने प्रताड़ित किया जाने लगा। चार-पाँच दिन बाद उसे हरियाणा ले जाया गया, जहाँ भी उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
ओडिशा में भी प्रताड़ना और शारीरिक चोट:
वर्ष 2019 में मयंक की नौकरी कोका-कोला कंपनी के भुवनेश्वर (ओडिशा) स्थित यूनिट में लग गई। आरोप है कि यहाँ उसे एक एंड्रॉइड फ़ोन दिया गया, जिसे रिकॉर्डिंग मोड में डालकर मायके वालों से होने वाली बातचीत सुनी जाती रही। भुवनेश्वर पहुँचने पर आवास से कंपनी जाने के लिए चार-पहिया वाहन की मांग शुरू कर दी गई। मना करने पर 30 अप्रैल 2019 की रात जमकर पिटाई की गई। इसके महज़ दो दिन बाद 2 मई 2019 को वहाँ फनी तूफान आ गया। इसके चलते संचार की सारी व्यवस्थाएँ 15 दिन तक ध्वस्त रहीं। आरोप है कि इसका फायदा उठाकर उसे जमकर टॉर्चर किया गया। लगातार मारपीट किए जाने से उसके पैर के टखने में गहरी चोट आई, जो अब तक ठीक नहीं हो पाई है।
जब मायके वालों को पूरी जानकारी हुई तो 18 अगस्त 2019 को वे उसे भुवनेश्वर जाकर ले आए। लगभग छह महीने बाद रिश्तेदारों के ज़रिए हुई पंचायत के बाद 25 दिसंबर 2019 को उसे दोबारा विदा कराकर कानपुर ले जाया गया, लेकिन कुछ दिन बाद उसके साथ फिर मारपीट और प्रताड़ना का दौर शुरू कर दिया गया। उसकी हालत बिगड़ने पर मायके वाले उसे राबटर्सगंज ले आए। आरोप है कि उसका मोबाइल ससुराल में छूट गया था, इसका फायदा उठाकर फेसबुक पर तरह-तरह की पोस्ट की जाने लगीं।
रिश्ते को बनाए रखने के लिए, परिवार वालों ने ससुराल पक्ष के लोगों से कई बार बात की, लेकिन हर बार उनका अड़ियल रवैया बना रहा। पीड़िता का कहना है कि ससुराल में काफी कम समय रहने के कारण, उनका पूरा/मूल पता क्या है, इसकी भी जानकारी नहीं हो पाई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शादी के नाम पर उससे कई चीजें छिपाई गईं। दहेज-उपहार में लिए गए सामानों के साथ ही, शादी के समय से मिले उसके ज़ेवरातों को भी हड़प लिया गया है। राबटर्सगंज पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की छानबीन कराई जा रही है।


