Sonbhadra News: कलियुगी पुत्र ने किया पिता का कत्ल, भूत-प्रेत के शक में की वारदात, आरोपी गिरफ्तार

Sonbhadra News: बृहस्पतिवार की शाम पिता-पुत्र में काफी कहा सुनी हो रही थी। इसी दौरान, पुत्र रामजतन ने लकड़ी का फट्ठा उठाकर पिता के सिर पर गहरा वार कर दिया गया। इससे वह अचेत होकर गिर पड़े। उनकी मौत हो गई।

Kaushlendra Pandey
Published on: 3 July 2025 9:42 PM IST
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Sonbhadra News: म्योरपुर थाना क्षेत्र के खैराही ग्राम पंचायत में कलियुगी पुत्र ने पिता की हत्या कर दी। मामला भूत-प्रेत के शक से जुड़ा बताया जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेजने के साथ ही, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

बताया जा रहा है कि खैराही गांव निवासी रामजतन को शक था कि उसके पिता पिता राजमन 65 वर्ष उसके परिवार के उपर भूत-प्रेत करवा रहे हैं। उसके मन में इस बात का वहम घर कर गया था कि इसी कारण उसे कोई संतान उत्पन्न नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर बृहस्पतिवार की शाम पिता-पुत्र में काफी कहा सुनी हो गई। इसी दौरान, रामजतन ने लकड़ी का फट्ठा उठाकर पिता के सिर पर गहरा वार कर दिया गया। इससे वह अचेत होकर गिर पड़े।

सूचना पाकर पहुंचे थानाध्यक्ष कमल नयन दुबे ने अचेत पड़े राजमन को सीएचसी म्योरपुर भेजवाया जहां चिकित्सकों ने उसे देखते ही, मृत घोषित कर दिया। शव को कब्जे में लेने के साथ ही पुलिस ने पुत्र को हिरासत में ले लिया। समाचार दिए जाने तक उससे पूछताछ जारी थी। अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन त्रिभुवन नाथ तिवारी ने बताया कि किसी बात को लेकर पिता-पुत्र में कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान बेटे ने उन पर लकड़ी के फट्ठे से वार कर दिया। इससे वह गिरकर अचेत हो गए। उपचार के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रकरण में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।

- अंधविश्वास का बाजार सजाने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई:

बताते चलें कि सोनभद्र में अंधविश्वास को लेकर आए दिन कोई न कोई घटना सामने आती है। कई बार इसके चलते हत्या जैसी वारदात, मारपीट जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। प्रकरण में कई बार ओझाओं को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। बावजूद अंधविश्वास के चक्कर में मारपीट, कत्ल जैसी वारदातें अभी भी जारी हैं। लोगों का कहना है कि गांव में अंधविश्वास का बाजार सजाकर लोगों को आपस में लड़ाने वाले ओझाओं-सोखाओं पर जब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होती तब तक अंधविश्वास के चक्कर में वारदातों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।

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