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Sonbhadra News: हादसों की भेंट चढ़ गई किशोरी सहित तीन की जिंदगी, दो की सड़क हादसे में मौत, एक ने सर्पदंश से तोड़ा दम
Sonbhadra News: अलग-अलग जगह पर हुए हादसे में एक किशोरी सहित तीन की मौत हो गई। दो ने सड़क हादसे में दम तोड़ा। एक की सर्पदंश से जान चली गई।
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Sonbhadra News: जिले में 24 घंटे के भीतर अलग-अलग जगह पर हुए हादसे में एक किशोरी सहित तीन की मौत हो गई। दो ने सड़क हादसे में दम तोड़ा। एक की सर्पदंश से जान चली गई। पुलिस ने सोमवार को तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम की स्थिति बनी रही।
तेज रफ्तार पिकअप ने मारी बाइक सवारों को टक्कर
बताया जा रहा है कि अनपरा थाना क्षेत्र के पूर्वी परासी निवासी विकास 32 वर्ष पुत्र बैजनाथ रात 9 बजे के करीब बाइक से, धीरज 25 वर्ष निवासी रेनुसागर कालोनी और दीपक राय 28 वर्ष पुत्र श्यामलाल निवासी औड़ी मोड़ को साथ लेकर किसी काम से डिबुलगंज की तरफ जा रहा था। जैसे ही डिबुलगंज के करीब पहुंचा सामने से आ रही पिकअप से टक्कर हो गई। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत ले जाया गया जहां धीरज को मृत घोषित कर दिया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने के साथ ही, पुलिस ने दुर्घटना करने वाले पिकअप को कब्जे में लेते हुए चालक की तलाश शुरू कर दी।
सड़क पार करते समय आए कार की चपेट में
दूसरा हादसा भी अनपरा थाना क्षेत्र का ही है। बताया जा रहा है कि रविवार को बैरपान गांव निवासी पन्नालाल विश्वकर्मा 42 वर्ष अनपरा बाजार आए हुए थे। यहां से खरीदारी करने के बाद रात में घर के लिए वापस लौट रहे थे । बताया जा रहा है कि बाजार से लौटने के बाद वह बैरपान गांव के पास स्थित धनखड़ मोड़ पर रीवा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर रहे थे। उसी दौरान रेणुकूट की तरफ से आ रही कर ने उन्हें तेजी से टक्कर मार दी । उपचार के लिए उन्हें डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पिता की सर्पदंश से हुई थी मौत, अब बेटी की भी सर्पदंश ने ली जान
म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरवानी गांव में रविवार की रात शौच के लिए निकली एक किशोरी सर्पदंश की चपेट में आ गई। जैसे ही परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई आनंद-खनन में बिन्नो पुत्री स्व. राम औतार बैगा को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 15 वर्ष पूर्व पिता की भी सर्पदंश की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
शौचालय का किया होता प्रयोग तो बच जाती जान
ग्रामीणों का कहना था कि घर में शौचालय बना हुआ है। अगर किशोरी शौचालय का उपयोग की होती तो शायद वह सर्पदंश की चपेट में नहीं आती। बताते चलें कि अभी भी गांव में लोग शौचालय होने के बाद भी उसका उपयोग न कर खुले में शौच का नियम बनाए हुए हैं। बताते चलें कि सोनभद्र एक ऐसा जिला है जिसका दो तिहाई हिस्सा दुनिया के सबसे जहरीले सांपों के लिए जाना जाता है। ऐसे में खुले में शौच, वह भी रात के वक्त जाना खतरे को दावत देना है।


