Sonbhadra News: 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कामगारों, बीमा कर्मियों, मजदूर संगठनों ने की हड़ताल, घंटों प्रभावित रखा कोयला खनन-प्रेषण, धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार कर उठाई आवाज

Sonbhadra News: कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई एनसीएल के कर्मियों ने, केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करते हुए आवाज बुलंद की और कामकाज ठप रखते हुए घंटों कोयला खनन-कोयला प्रेषण का काम ठप किए रखा।

Kaushlendra Pandey
Published on: 9 July 2025 6:42 PM IST
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Sonbhadra News: पुरानी पेंशन, नयी भर्ती, एफडीआई, निजीकरण सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को की गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल का सोनभद्र में खासा असर दिखा। जहां, कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई एनसीएल के कर्मियों ने, केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन करते हुए आवाज बुलंद की और कामकाज ठप रखते हुए घंटों कोयला खनन-कोयला प्रेषण का काम ठप किए रखा। वहीं, इंश्योरेंस इम्प्लॉइज एसोसिएशन के बैनर तले, कर्मियों ने जिला मुख्यालय स्थित एलआईसी दफ्तर के मुख्य द्वार पर ताला जड़ कर धरना दिया और मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। उधर, जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकपा पदाधिकारियों-कार्यकर्ताओं ने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

एनसीएल क्षेत्र में कोल इंप्लाइज का घंटों कार्य बहिष्कार, कोयला खनन-प्रेषण प्रभावित

उधर, केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर एनसीएल क्षेत्र में कोयला कामगारों ने कार्य बहिष्कार करते हुए आवाज बुलंद की। खदानों, वाशरियों, ट्रांसपोर्ट और अन्य यूनिटों में काम ठप रखते हुए, विरोध सभाएं की।एटक, एचएमएस, इंटक, सीटू आदि की तरफ से इस दौरान नए लेबर कोड को रद्द करते हुए पुराना कानून बहाल रखने, कोयला क्षेत्र सहित सार्वजनिक क्षेत्र वाले संस्थानों के निजीकरण पर तत्काल रोक लगाने, ठेका श्रमिकों को स्थायी करते हुए समान काम का समान वेतन देने, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और पीएफ के लाभ सुनिश्चित करने, महंगाई-बेरोजगारी पर लगाम लगाने आदि की मांग उठाई गई।


श्रमिक संगठनों का दावा - ऐतिहासिक रूप से सफल रही हड़ताल

एनसीएल मुख्यालय पर हड़ताल में भाग लेने के साथ ही, सीटिया (सीटू) संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय शंकर श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव बीके पटेल, एनसीएल एटक के महामंत्री अजय कुमार, एचएमएस के महामंत्री अशोक पांडेय, आरसीएसएस के महामंत्री लाल पुष्पराज सिंह सीएलयू (सीटू) के महामंत्री पी एस पांडेय, सीटिया (सीटू) के अध्यक्ष प्रकाश पटेल, महामंत्री अरविंद शाह ने एनसीएल के अन्य कोल प्रोजेक्ट पर भी पहुंचकर, हड़तालरत कर्मियों का हौसला बढ़ाया।

सभी कोल परियोजना इकाइयों के अध्यक्ष सचिव और उनकी टीम ने सुबह पहली पाली से ही प्रदर्शन करते हुए कामकाज ठप किए रखा। श्रमिक संगठनों का दावा था कि एनसीएल सहित कोल इंडिया की सभी अनुषंगी इकाइयों में हड़ताल ऐतिहासिक तरीके से 80 फीसद तक सफल रही। कहा गया कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए,तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। हालांकि इस हड़ताल से भारत मजदूर संघ अलग रहा।


भाकपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन

राष्ट्र व्यापी हड़ताल के समर्थन में भाकपा कार्यकर्ता, खेत मजदूर यूनियन , संयुक्त किसान सभा, आदिवासी विकास मंच और मनरेगा मजदूरों द्वारा चूर्क तिराहे से जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित 19 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपं, मांगों को पूर्ण किए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार नए श्रम कोड के जरिए मज़दूर-किसान विरोधी प्रावधानों को लागू करने की कोशिश कर रही है। ठेकेदारी प्रथा खत्म करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार, न्यूनतम पेंशन नौ हजार किए जाने, सार्वजनिक प्रतिष्ठानों का निजीकरण रोकने, स्मार्ट मीटर बंद करने, आंगनबाड़ी, आशा बहू, मिड डे मील आदि स्कीम वर्कर्स को सरकारी कर्मी घोषित किए जाने, एमएसपी लागू करने आदि की मांग उठाई गई।

लंबे संघर्ष की शुरूआत है एक दिन की हड़तालः‘ भाकपा

भाकपा के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा, लालता तिवारी, सीपी माली, माकपा के जिला मंत्री कामरेड नंद लाल आर्य, कामरेड प्रेम नाथ, भाकपा (माले) के जिला सचिव सुरेश कोल, शंकर कोल, नंद लाल यादव,.एटक के नेता राजेंद्र प्रसाद, इंटक के नेता हरदेव नारायण तिवारी, बृजेश त्रिपाठी, सीटू के नेता कामरेड लाल चंद्र, एक्टू के नेता कामरेड कलीम, खेत मजदूर यूनियन के नेता देव कुमार विश्वकर्मा, पुरुषोत्तम, बसावन गुप्ता, किसान सभा के नेता कामरेड अमरनाथ सूर्य, महेंद्र सिंह आदि का कहना था कि संविधान, अधिकार और रोटी की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर है। इसलिए यह हड़ताल एक दिन का विरोध नहीं, लंबे संघर्ष की शुरूआत है। संचालन आर के शर्मा ने किया।

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