UP News: उत्तर प्रदेश में एल्कोहल उद्योग बढ़ा, 56 हजार करोड़ का राजस्व, 5 लाख से अधिक को मिला रोजगार

UP News: यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 2.4 फीसदी है। इस उद्योग ने 5.3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मुहैया कराया है।

Prashant Vinay Dixit
Published on: 10 July 2025 1:55 PM IST
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UP News: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एल्कोहलिक बेवरेज (एल्कोबेव) उद्योग की अहम भूमिका को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट सामने आई है। इंटरनेशनल स्पिरिट्स एंड वाइन्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएसडब्लूएआई) द्वारा जारी पहली रिपोर्ट में बताया गया कि राज्य सरकार को आबकारी विभाग के जरिए वर्ष 2024-25 में करीब 56,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 2.4 फीसदी है। इस उद्योग ने 5.3 लाख से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मुहैया कराया है।

उत्तर प्रदेश मेें निवेशक-अनुकूल माहौल

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि यह अध्ययन राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के उद्देश्य को पाने में सरकार की नीति निर्माण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगा। आबकारी विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में नीतिगत पारदर्शिता, भ्रष्टाचार-मुक्त तंत्र, डिजिटल सेवाओं और निवेशक-अनुकूल माहौल को प्राथमिकता दी है। आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि सरकार की कोशिशों से उद्योग में एकाधिकार खत्म हुआ है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिले हैं।

राजस्व में 15 फीसदी की वृद्धि संभव

आईएसडब्लूएआई के सीईओ संजीत पाधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश के आर्थिक पावरहाउस के रूप में उभर रहा है, और एल्कोबेव उद्योग उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि बियर और विदेशी शराब के लिए पहले से स्वीकृत कंपोजिट दुकानों में देशी शराब को भी शामिल किया जाए।

आईएसडब्लूएआई के क्षेत्रीय निदेशक परविन्दर सिंह ने बताया कि इससे सरकार के राजस्व में कम से कम 15 फीसदी की वृद्धि संभव है। यह कदम नकली और मिलावटी शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद करेगा।

एल्कोहलिक उत्पादों की मांग भी बढ़ी

उत्तर प्रदेश में देशी शराब की सालाना वृद्धि दर 12 फीसदी है, जबकि विदेशी शराब की वृद्धि दर लगभग 6 फीसदी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि एल्कोहलिक उत्पादों की मांग राज्य में तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में कृषि, पर्यटन और औद्योगिक विकास में भी एल्कोबेव सेक्टर की भूमिका को रेखांकित किया गया है। यदि इस सेक्टर को उचित नीति और सहयोग मिले, तो यह उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत बना सकता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग तेजी से काम कर रहा है।

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Prashant Vinay Dixit is a former Reporter at Newstrack.com.

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