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ममता का किला ध्वस्त करने के बाद बीजेपी सेना का रुख अब यूपी की ओर
BJP Mission 2027: अमित शाह और सुनील बंसल की टीम डालेगी लखनऊ में डेरा, योगी के नेतृत्व में तीसरी बार जीत की तैयारी
PM Modi, Amit Shah, Sunil Bansal, Yogi (Photo: Social Media)
UP BJP Mission 2027: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का किला ध्वस्त करने के बाद बीजेपी की तैयारी उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचने की है। बीजेपी की चुनाव प्रबंधन संभालने वाली पूरी टीम पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश की ओर रुख करने वाली है। इस टीम की निगरानी गृह मंत्री अमित शाह करेंगे और इसका नेतृत्व चुनाव प्रबंधन के सबसे बड़े और कुशलतम प्रबंधक सुनील बंसल करेंगे। देशभर से बीजेपी के सबसे बेहतरीन चुनाव संचालक नेताओं और कार्यकर्ताओं की टीम उत्तर प्रदेश में जून से डेरा डाल देगी। इनकी संख्या सैकड़ों में होगी। इनके लिए लखनऊ में आवास तलाशे जा रहे हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव की कमियों को दुरुस्त करेगी पार्टी
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में गच्चा खाने के बाद बीजेपी नेतृत्व अपनी सभी कमियों और कमजोरियों को दुरुस्त करना चाहता है। 2024 में केंद्रीय संगठन और राज्य संगठन व सरकार के बीच तालमेल का अभाव साफ देखा गया था। इसका खामियाजा बीजेपी को उठाना पड़ा था. बीजेपी को सपा-कांग्रेस गठबंधन ने मात दी थी। बीजेपी की सीटें 2019 के मुकाबले 29 घटकर कुल 33 रह गई थीं। अखिलेश यादव के पीडीए कार्ड के आगे बीजेपी कमज़ोर नज़र आई थी। यही वज़ह है कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव में कोई कोर कसर नहीं रखना चाहती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही उतरेगी बीजेपी
अब एक बात और साफ है कि बीजेपी विधानसभा चुनाव प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़ेगी। प्रदेश सरकार का कामकाज और बुलडोजर बाबा की कड़क और ईमानदार छवि को आगे बढ़ाकर बीजेपी चुनाव प्रचार में जाएगी। योगी आदित्यनाथ की सरकार में कानून व्यवस्था और विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। योगी की हिन्दुत्वादी छवि प्रदेश ही नहीं पूरे देश में बीजेपी के लिए बेतहर माहौल बनाती है यह साबित हो चुका है।
अखिलेश यादव के पीडीए के जवाब में बीजेपी का ओबीसी कार्ड
अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) कार्ड के जवाब में बीजेपी भी पिछड़ों को आगे करने की रणनीति पर काम करेगी। बीजेपी इसकी शुरुआत पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश का पार्टी अध्यक्ष बनाकर कर चुकी है। उत्तर प्रदेश में 2014 से ओबीसी वोट अधिकतर बीजेपी के साथ ही रहा है। सिर्फ 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का यह गणित गड़बड़ हुआ था। 2024 में समाजवादी पार्टी ने बहुत स्मार्ट तरीके से प्रत्याशियों का चयन जातिगत समीकरणों के हिसाब से किया था। इसका फायदा भी सपा को मिला था। अब बीजेपी सपा के इसी समीकरण को ध्वस्त करने की रणनीति पर काम करेगी।
वर्तमान विधायकों के बड़ी संख्या में टिकट कटेंगे
बीजेपी इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव की गलतियों से सबक लेकर सरकार और संगठन में भी तालमेल बेहतर करेगी। इसके साथ ही प्रत्याशियों के चयन में भी काफी सतर्कता बरती जाएगी। यह तय है कि बड़ी संख्या में वर्तमान विधायकों के टिकट काटे जाएंगे।
कुल मिलाकर केंद्र और राज्य सरकार, केंद्रीय और राज्य संगठन सब मिलकर बीजेपी को प्रदेश में तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए जी जान से जुटेंगे। पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत ने कार्यकर्ताओं के हौसले भी बुलंद कर दिए हैं कि जब वे ममता बनर्जी जैसी ताकतवर नेता और टीएमसी के मजबूत संगठन को शिकस्त दे सकते हैं तो उत्तर प्रदेश में तो उनकी सरकार भी है। हम कह सकते हैं देश के सबसे बड़े सूबे और देश की राजनीति के दिल उत्तर प्रदेश की धड़कनें जून 2026 से पूरे देश में जोर से सुनाई देंगी और मार्च 2027 तक यहां का राजनीतिक पारा चढ़ा ही रहेगा।


