Varanasi News; विद्युत कर्मचारियों ने निजीकरण विरोध सभाओं में जताया गुस्सा

Varanasi News; पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण को लेकर आरोप— ‘3242 करोड़ रुपये मुनाफे के बावजूद झूठे आंकड़ों पर घाटा दिखाकर बेचा जा रहा है’

Newstrack Network
Published on: 10 July 2025 8:26 PM IST
Varanasi News
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Varanasi News (Social Media image)

Varanasi News; बनारस में विद्युत कर्मचारियों ने 3242 करोड़ रुपये के मुनाफे के बावजूद निगम को घाटा दिखाकर निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ युद्ध स्तर पर विरोध शुरू कर दिया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (UP) के आह्वान पर मंगलवार को जिला स्थित सभी अभियंता कार्यालयों पर एक साथ विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

निगम को लेकर कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि झूठे आंकड़े, धमकी और दमन के जरिए मुनाफा छुपाया जा रहा है, जिससे निजीकरण की योजना सफल हो सके।

मुख्य बिंदु: संघर्ष समिति के सातहरे

1. 225वें दिन विरोध जारी: कार्यालयों के सैशन समय के बाद शाम पांच बजे से कर्मचारी एक साथ विरोध प्रदर्शन में जुटे।

2. नियामक आयोग में मुद्दा उठेगा: 11 जुलाई को वाराणसी में हो रही टैरिफ सुनवाई में यह निजीकरण विषय आयोग के समक्ष रखा जाएगा।

3. 45% टैरिफ वृद्धि का प्रस्ताव: निजी फंडिंग का हवाला देकर निगम ने नियामक आयोग को टैरिफ में बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव भेजा।

4. सब्सिडी चौकाने वाली है: वर्ष 2024–25 में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को कुल मिलाकर 6327 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिली थी— जिसमें किसानों, बुनकरों और घरानों को लाभ हुआ।

5. राजस्व और प्रोफिट: 2024–25 में निगम 13297 करोड़ रुपये राजस्व वसूलने में सफल रहा।

• सरकारी विभागों का भुगतान बकाया: 4182 करोड़

• कुल राजस्व: 17479 करोड़

• सब्सिडी जोड़ने पर आय: 23806 करोड़

• आंकड़े: खर्च 20564 करोड़ ⇒ मुनाफा: 3242 करोड़

6. टैक्टिक्स पर आरोप: कर्मचारियों का कहना है कि वेतन रोके जा रहे हैं, स्थानांतरण किए जा रहे हैं और केंद्रीय पदाधिकारियों पर सरकार द्वारा फर्जी मुकदमे बनाए जा रहे हैं ताकि विरोध दबाया जा सके।

7. आंदोलन जारी रहेगा: संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि जब तक निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मुख्य वक्ताओं में शामिल थे:

ई. मायाशंकर तिवारी, ई. नीरज बिंद, दीपक गुप्ता, हेमंत श्रीवास्तव, राजेश सिंह, रोहित कुमार, रमेश यादव, जितेंद्र कुमार, धनपाल सिंह, उमेश यादव, आदित्य पाण्डेय, अरुण कुमार, पंकज जैसवाल, सतीश बिंद, जयप्रकाश, रंजीत पटेल, उदयभान दुबे, संदीप सिंह, गजेंद्र श्रीवास्तव, अमित कुमार, कृष्णमोहन, दयानंद, ई.जे. प्रकाश, अमल, अंकुर पाण्डेय, मनोज यादव और अन्य।

उन्होंने सभी अभियंता कार्यालयों में विरोध सभा कर अपनी ओर से स्पष्ट संदेश दिया कि निगम का निजीकरण कतई स्वीकार्य नहीं होगा।

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