बड़ी खबर! उत्तराखंड पंचायत चुनाव की जंग शुरू, 18 जुलाई को आएंगे नतीजे, जानिए पूरा शेड्यूल

Uttarakhand Panchayat Election 2025: राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने पंचायत चुनाव 2025 की तारीखों का औपचारिक रूप से ऐलान कर दिया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 21 Jun 2025 4:07 PM IST
Uttarakhand Panchayat Election 2025
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Uttarakhand Panchayat Election 2025 (photo credit: social media)

Uttarakhand Panchayat Election 2025: उत्तराखंड में ग्राम स्तर पर पंचायत चुनाव का उत्सव एक बार फिर होने जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने पंचायत चुनाव 2025 की तारीखों का औपचारिक रूप से ऐलान कर दिया है। इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे और मतगणना 18 जुलाई को होगी। राज्य के हर जिले में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य जैसे आवश्यक पदों के लिए वोटिंग कराया जाएगा।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक, 23 जून को जिला निर्वाचन अधिकारी अधिसूचना जारी करेंगे। इसके बाद 25 जून से 28 जून तक उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। 29 जून से 1 जुलाई तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 2 जुलाई नाम वापसी की आखिरी तारीख होगी।

दो चरणों में होगा सपन्न होगा मतदान

- पहले चरण के लिए चुनाव चिन्ह (सिंबल) का आवंटन 3 जुलाई को होगा और 10 जुलाई को वोटिंग होगी।

- दूसरे चरण के लिए चिन्ह आवंटन 8 जुलाई को होगा और 15 जुलाई* को वोट डाला जायेगा।

- दोनों चरणों के लिए मतगणना एक साथ 18 जुलाई को की जाएगी।

इस बार कुल 74,499 ग्राम प्रधान, 55,600 ग्राम पंचायत सदस्य, 2,974 क्षेत्र पंचायत सदस्य, और 358 जिला पंचायत सदस्य का चयन होगा। यह चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि गांव की सरकार को भी नया मार्ग मिलेगा।

लागू हुई आदर्श आचार संहिता

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने यह भी साफतौर से बताया है कि राज्य में आदर्श आचार संहिता प्रभावी कर दी गई है। सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि चुनाव निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी रूप से कराए जाएं। प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि आचार संहिता का उल्लंघन न हो और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई हो।

गांव-गांव में चुनावी हलचल तेज़

राज्य निर्वाचन आयोग के ऐलान के साथ ही हर गांव में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। संभावित प्रत्याशी चुनावी रणनीतियों में जुटे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों, चर्चाओं और समर्थन इकट्ठा करने का प्रयास तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी उम्मीदवारों से अपील की है कि वे समय-सीमा का पालन करें और नियमों के मुताबिक प्रक्रिया पूरी करें।

चुनाव आयोग की तरफ से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल रोका जाए। बता दे, उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 सिर्फ एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का एक बड़ा मौक़ा है। यह चुनाव तय करेगा कि किसके हाथ में गांवों की कमान होगी और कौन बनेगा गांव का असली नेता।

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Priya Singh Bisen is a Content Writer at Newstrack.com.

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