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Mathura News: गोकुल में श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास से मनाया नंदलाल का नंद उत्सव
Mathura News: श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में नंद भवन में विशेष आयोजन किए गए, जहां श्रद्धालु बड़े उत्साह और उल्लास के साथ भाग ले रहे हैं।
Mathura News: मथुरा के गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद अब नंद उत्सव की शुरुआत हो गई है। श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में नंद भवन में विशेष आयोजन किए गए, जहां श्रद्धालु बड़े उत्साह और उल्लास के साथ भाग ले रहे हैं।भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद गोकुल में खुशी की लहर दौड़ गई है। मंदिरों से लेकर गलियों तक श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आ रहे हैं। लोग भगवान कृष्ण के पिता नंद बाबा को कान्हा के जन्म की बधाई दे रहे हैं।
नंद भवन में हुआ बाल गोपाल का अभिषेक और श्रंगार
मुख्य आयोजन गोकुल स्थित नंद भवन में संपन्न हुआ, जहां मंदिर के पुजारियों ने बाल गोपाल का पहला अभिषेक कर उनका भव्य श्रंगार किया। इसके बाद मंदिर परिसर में बधाइयां गाई गईं, जिनमें व्रजवासी भावविभोर होकर झूमते नजर आए। गोकुलवासियों ने अपने-अपने घरों में उत्सव मनाते हुए खीर-पूड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन भी बनाए।
कृष्ण जन्म कथा और गोकुल आगमन
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। कंस के भय से वासुदेव जी उन्हें यमुना पार कर अपने मित्र नंद बाबा के घर गोकुल ले आए। उन्होंने श्रीकृष्ण को यशोदा मैया के पास लिटा दिया और मायारूपी एक कन्या को साथ लेकर वापस चले गए। सुबह जब गोकुलवासी जागे, तो यह समाचार फैल गया कि यशोदा मैया को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है।
"नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की!"
गोकुल में हर ओर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे जयकारे गूंज उठे। हाथी-घोड़ा-पालकी की सजावट के साथ श्रीकृष्ण को पालने में बिठाकर शोभायात्रा निकाली गई, जो गोकुल की गलियों से होते हुए नंद चौक पहुंची।
नंद चौक में विशेष आयोजन
नंद चौक को गुब्बारों व रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। यहां भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के पालने को झुलाया और बधाइयों का कार्यक्रम आरंभ हुआ। उत्सव की परंपरा के अनुसार, भक्तों पर हल्दी और चंदन से निर्मित भगवान कृष्ण की 'चीची' डाली गई, जिसके बाद मंदिर के पुजारी व श्रद्धालुओं ने मिलकर बधाई लूटी।
भक्तों में बंटा प्रसाद और उपहार
उत्सव के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की प्रसादी, जिसमें वस्त्र, खिलौने, मिठाई, ट्रॉफी आदि शामिल थीं, श्रद्धालुओं में वितरित की गईं। इस अवसर पर भक्तगण आनंदित होकर झूम उठे।

