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ईरान का लगा 16 साल की मासूम का श्राप? तख्तापलट होने तक चलेगी जंग.. दिल को झकझोंर देगी ये कहानी
Israel-Iran War: इस सब के बीच सोशल मीडिया पर ईरान की पुरानी कहानी खूब चर्चा में है। यह कहानी है ईरान की 16 साल की लड़की आतेफा साहलेह की। इस मासूम की कहानी जिसने भी सुनी उसका दिल पसीज गया।
Israel-Iran War
Israel-Iran War: इजरायल और ईरान के बीच जंग को नौ दिन का समय बीत चुका है। दोनों में से कोई भी झुकने का तैयार नहीं है। संघर्ष दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता रहा है। बमबारी और मिसाइल हमलों के चलते दोनों ही देशों में कई लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं। इजरायल लगातार ईरान के सीनियर मिलिट्री अधिकारियों को टारगेट कर रहा है। यहीं नहीं वह अब तक कई अधिकारियों को मौत के घाट उतार भी चुका है। इजरायल के हमले में आईआरजीसी के मुखिया और कई बड़े अफसरों की मौत हो चुकी है। वहीं अब उसके निशाने पर आईआरजीसी की विदेशी शाखा कुद्स फोर्स के अफसर हैं।
इजरायल की तरफ से किये जा रहे लगातार हमलों से ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायल यहां तक चेतावनी दे चुका है कि जब तक वह ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार नहीं देंगे। जंग को जारी रखेंगे। तेहरान समेत कई शहर इजरायल के हमलों से तबाह हो चुके हैं। वहीं अमेरिका भी इजरायल का ही साथ दे रहा है। इस मामले पर व्हाइट हाउस की ओर से यह कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो सप्ताह के अंदर तय करेंगे कि ईरान के सैन्य एवं परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ इजरायल के अभियान में भाग लेना या फिर नहीं।
इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों का यह कहना है कि जंग अब तब तक खत्म नहीं होगी। जब तक ईरान में तख्तापलट नहीं हो जाता है। वहीं इस सब के बीच सोशल मीडिया पर ईरान की पुरानी कहानी खूब चर्चा में है। यह कहानी है ईरान की 16 साल की लड़की आतेफा साहलेह की। इस मासूम की कहानी जिसने भी सुनी उसका दिल पसीज गया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ईरान को इसी मासूम का श्राप लगा है। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी?
कौन थी 16 साल आतेफा साहलेह?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 16 साल आतेफा साहलेह की मां की एक सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। मां की मौत के बाद पिता को नशे की लत लग गई। जिसके चलते वह अपने दादा-दादी के साथ रहने लगी। वह घर के सारे काम करती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के नेका शहर में 15 अगस्त 2004 को ’चरित्रहीनता’ के आरोप में आतेफा साहलेह को सरेरह भीड़ के सामने घसीटा गया था और फिर एक मोबाइल क्रेन को अस्थायी फांसी के फंदा बनाया गया। जिस पर आतेफा साहलेह को फांसी की सजा दे दी गयी थी।
नैतिक पुलिस ने कहा था कि एक पुरुष के साथ आतेफा साहलेह का यौन संबंध था। जिसके चलते तेरान की अपीली अदालत ने उसे सजा-ए-मौत की सजा सुनाई। ईरानी कानून के अनुसार 18 साल से कम उम्र वालों को फांसी की सजा नहीं सुनायी जा सकती है। ऐसे में बताया जाता है कि इस मामले में न्यायिक दस्तावेजों में हेरफेर की गई और आतेफा साहलेह की उम्र को 22 साल दिखाया गया ताकि उसे सजा-ए-मौत दी जा सके।


