लो शुरू हो गई छटनी! 'अमेरिका शटडाउन' ने छीन ली हजारों की नौकरियां, ट्रंप की जिद से मंडराया खतरा

America Shutdown Layoffs Crisis: अमेरिका में 10 दिन से जारी शटडाउन का असर अब सरकारी नौकरियों पर पड़ रहा है। व्हाइट हाउस ने सरकारी कर्मचारियों की छंटनी की पुष्टि की है।

Gausiya Bano
Published on: 11 Oct 2025 8:40 AM IST
लो शुरू हो गई छटनी! अमेरिका शटडाउन ने छीन ली हजारों की नौकरियां, ट्रंप की जिद से मंडराया खतरा
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America Shutdown Layoffs Crisis: की राजधानी वॉशिंगटन इन दिनों सियासी टकराव का मैदान बन चुकी है। जहां कभी व्यस्त गलियों में सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही रहती थी, अब वहां सन्नाटा पसरा है। व्हाइट हाउस के दरवाजो के पीछे एक ऐसा फैसला लिया गया है जिसने हज़ारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। सरकारी छंटनी की शुरुआत हो गई है। और लगातार 10 दिन से जारी शटडाउन अब महज एक राजनीतिक बहस नहीं रहा, यह अब रोजगार और उम्मीदों का संकट बन चुका है।

सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा

व्हाइट हाउस की ओर से पुष्टि की गई है कि सरकारी कर्मचारियों की छंटनी आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से डेमोक्रेट सांसदों पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। सरकारी एजेंसियों ने जानकारी दी है कि कई कर्मचारियों को पहले ही छंटनी नोटिस मिल चुका है।

बजट ऑफिस के मुताबिक, कोर्ट को उन विभागों की सूची भेज दी गई है जहां नौकरियों में कटौती की जाएगी। मैनेजमेंट एंड बजट डायरेक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “वर्कफोर्स में कटौती शुरू हो चुकी है, और अगर शटडाउन जारी रहा तो आने वाले दिनों में कई सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी खो सकते हैं।”

सबसे ज्यादा असर वित्त और स्वास्थ्य विभाग पर

रिपोर्ट्स बताती हैं कि वित्त विभाग में 1,400 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में करीब 1,000 लोगों की छंटनी की आशंका है। शिक्षा और शहरी विकास मंत्रालय से जुड़ी लगभग 400 नौकरियां भी प्रभावित हो सकती हैं। अन्य विभागों में सैकड़ों कर्मचारियों को नोटिस मिल चुका है, जिससे सरकारी कामकाज लगभग ठप पड़ गया है।

पहले जब अमेरिकी सरकार “शटडाउन” करती थी, तो कर्मचारियों को अस्थायी छुट्टी पर भेजा जाता था। लेकिन इस बार मामला अलग है, नौकरियां स्थायी रूप से जाने की कगार पर हैं।

अधिकारियों का अनुमान है कि लगभग 75,000 कर्मचारियों को अस्थायी रूप से घर बैठाया जा सकता है, जो शटडाउन खत्म होने के बाद ही काम पर लौट पाएंगे।

राजनीति की रस्साकशी

1. अमेरिकी संसद कांग्रेस में जारी यह गतिरोध देश को राजनीतिक संकट की ओर धकेल रहा है। रिपब्लिकन पार्टी, जिसके पास सदन में बहुमत है, का मानना है कि वे इस शटडाउन से राजनीतिक रूप से फायदा उठा सकते हैं। उनका तर्क है कि वे स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी पर तुरंत फंड जारी करने की डेमोक्रेट्स की मांग को मानकर पीछे नहीं हटेंगे।

2. दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक पार्टी इसे जनता की लड़ाई बता रही है। उनका कहना है कि बढ़ती स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों को रोकना जरूरी है और वे इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। डेमोक्रेट्स का दावा है कि आम अमेरिकी नागरिक अब ट्रंप प्रशासन को इस संकट के लिए जिम्मेदार मानने लगे हैं।

शटडाउन का असर इतना गहरा है कि अमेरिकी संसद भवन ‘कैपिटल’ में दौरे रुक गए हैं, बैठकें स्थगित हैं, और सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी जैसे हालात हैं। जहां कभी फाइलों की खड़खड़ाहट सुनाई देती थी, अब वहां चिंता और अनिश्चितता की हवा चल रही है।

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Gausiya Bano

Gausiya Bano is a Multimedia Journalist based in Lucknow, the capital city of Uttar Pradesh, currently serving as Desk In-Charge at Newstrack. She holds a postgraduate degree in Journalism from Makhanlal Chaturvedi National University, Bhopal, Madhya Pradesh. With over 2.5 years of experience, she has worked with leading organizations including Rajasthan Patrika and NewsBytes. She has expertise in news desk operations, reporting and digital journalism. At Newstrack She oversees content management, ensures editorial accuracy and coordinates with reporters to maintain high newsroom standards. Passionate about ethical reporting and adapting to the evolving media landscape, Gausiya Bano continues to grow as a dedicated and responsible journalist.

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