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China Rare Earth Elements: आम जनता से भी इस मामले में सतर्क रहने की अपील की है। यदि किसी के पास दुर्लभ खनिजों की चोरी या तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध जानकारी
China Rare Earth Elements: चीन की दुर्लभ खनिज संपदा पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले रेयर अर्थ एलिमेंट्स (Rare Earth Elements) की चोरी की घटनाएं सामने आने लगी हैं। ये खनिज चीन के लिए न केवल आर्थिक बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी अहम हिस्सा हैं। चीन दुनिया के 70 प्रतिशत रेयर अर्थ खनन और 90 प्रतिशत रिफाइनिंग पर नियंत्रण रखता है। वहीं, भारत, अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देश अपनी जरूरतों के लिए 80 प्रतिशत से अधिक REE चीन से आयात करते हैं।
हाल ही में बीजिंग की खुफिया एजेंसी ‘मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी’ (MSS) ने रिपोर्ट में बताया कि विदेशी जासूसी एजेंसियां इस चोरी में शामिल हैं। हालांकि किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन संकेत अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर ही हैं। चीन का आरोप है कि विदेशी एजेंसियां देश के अंदर असामाजिक तत्वों का इस्तेमाल कर दुर्लभ खनिजों की तस्करी करवा रही हैं।
चोरी के अनोखे तरीके
चीन की सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि चोरी की यह वारदातें बेहद चालाकी से हो रही हैं। कभी खनिजों को सेरामिक टाइल के बीच छुपा कर भेजा जाता है, तो कभी पानी की बोतलों में ‘मशीन पार्ट्स’ के नाम पर पैक करके विदेशों को भेजा जाता है। एक ठेकेदार ने माल पर गलत लेबल लगाकर ‘चीन निर्मित नहीं’ बताने तक की हिम्मत दिखाई। इस तरह की चोरी चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गई है।
व्यापार वार्ता के बीच आई ये खबर
यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ता के बाद बीजिंग ने REE के निर्यात नियमों में ढील देने का वादा किया है। बदले में अमेरिका ने कुछ उन्नत तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स पर प्रतिबंधों में छूट देने की पेशकश की है। इन वार्ताओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है और साल के अंत तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच संभावित बैठक की भी चर्चा हो रही है।
जनता से अपील
मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी ने आम जनता से भी इस मामले में सतर्क रहने की अपील की है। यदि किसी के पास दुर्लभ खनिजों की चोरी या तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध जानकारी हो तो वह तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। चीन के लिए ये खनिज सिर्फ प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि रणनीतिक हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल उसने पहले भी अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में किया है।


