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जिस देश में 'मेहमान' बनकर जा रहे मोदी, उसी ने बताया 'इस्लाम का दुश्मन', लगाए गंभीर आरोप
Maldives called PM Modi a terrorist: मालदीव के राष्ट्रपति के साले शेख अब्दुल्लाह ने पीएम मोदी को 'आतंकवादी' और 'इस्लाम का दुश्मन' बताया। इसके बावजूद पीएम मोदी मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए रवाना हुए।
Maldives called PM Modi a terrorist
Maldives called PM Modi a terrorist: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिटेन के बाद दो दिवसीय मालदीव यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। यहां वो मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के आमंत्रण पर जा रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान 26 जुलाई को पीएम मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। हालांकि, मोदी के मालदीव रवाना होने से पहले ही वहां के राष्ट्रपति के साले और सलफी जमीयत के नेता शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने पीएम मोदी को लेकर एक विवादित और चिंताजनक बयान दिया है। दरअसल, उन्होंने पीएम मोदी को इस्लाम का दुश्मन बताते हुए आतंकवादी बताया है। इसके बावजूद पीएम मोदी मालदीव दौरे के लिए रवाना हो गए, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
शेख अब्दुल्लाह का विवादित पोस्ट, फिर कर दिया डिलीट
शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पीएम मोदी को "इस्लाम का दुश्मन" और "आतंकवादी" बताया। साथ ही उन्होंने बाबरी मस्जिद गिराने और मुस्लिमों पर अत्याचार के भी गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद जब यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा तो विवाद बढ़ा गया और आखिर में शेख अब्दुल्लाह को अपनी पोस्ट सोशल मीडिया से हटानी पड़ी। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक मालदीव सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ा है शेख अब्दुल्लाह
शेख अब्दुल्लाह, मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू की पत्नी साजिदा मोहम्मद से जुड़े एक धार्मिक संगठन के प्रमुख हैं। उनके इस बयान से मालदीव की राजनीति और भारत-मालदीव संबंधों में तनाव बढ़ सकता है।
भारत और मालदीव के रिश्ते
राष्ट्रपति मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद भारत और मालदीव के संबंधों में थोड़ी खटास आ गई थी। दरअसल, उन्होंने चुनाव के दौरान 'इंडिया आउट' अभियान चलाया था और बाद में भारतीय सेना को मालदीव से हटाने का फैसला लिया था। इसके अलावा उन्होंने अपनी पहली विदेश यात्रा चीन की की, जिससे मालदीव की चीन से नजदीकी बढ़ गई।
इन सभी घटनाओं के बीच पीएम मोदी की यह यात्रा अब दोनों देशों के बीच भरोसे को फिर से मजबूत करने का प्रयास मानी जा रही है। इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार, समुद्री सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सहयोग को बढ़ाना है। अक्टूबर 2024 में हुई बातचीत के बाद भारत और मालदीव ने मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी काम शुरू किया है। इसी के साथ मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीएम मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करना भी दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दिखाता है।
हालांकि, शेख अब्दुल्लाह के बयान से पैदा हुए विवाद के बीच पीएम मोदी की यात्रा दोनों देशों के लिए एक अहम मोड़ हो सकती है। अब देखना यह होगा कि मालदीव सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है और भारत किस तरह प्रतिक्रिया देता है।


