नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक ने दिया इस्तीफा, युवाओं के गुस्से के आगे सरकार की हार

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ भड़के आंदोलन ने बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया। युवाओं के दबाव में गृहमंत्री रमेश लेखक ने इस्तीफा दिया, सरकार की बड़ी हार मानी जा रही है।

Harsh Srivastava
Published on: 8 Sept 2025 8:08 PM IST
नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक ने दिया इस्तीफा, युवाओं के गुस्से के आगे सरकार की हार
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Nepal Home Minister Resign: नेपाल में सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ भड़का युवा आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक भूचाल में तब्दील हो गया है। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़पों के बाद, आखिरकार युवाओं के गुस्से के आगे सरकार को झुकना पड़ा है। सोमवार को, हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच, नेपाल के गृहमंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी जीत और सरकार पर बढ़ते दबाव का सीधा परिणाम माना जा रहा है।

101 दिन में ही खत्म हुआ सफर

रमेश लेखक ने 15 जुलाई 2024 को नेपाल के गृहमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला था। उनका कार्यकाल सिर्फ 101 दिन का रहा। गृहमंत्री बनने से पहले, वह नेपाली कांग्रेस के मुख्य सचेतक भी रह चुके थे। उनके कार्यकाल का अंत सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग न सिर्फ सोशल मीडिया पर से प्रतिबंध हटाना था, बल्कि सरकार के भ्रष्ट और दमनकारी रवैये का भी विरोध करना था।

विरोध का दबाव और सरकार की मजबूरी

सरकार ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बंद कर दिया था, जिसके बाद से ही पूरे देश में तनाव का माहौल था। राजधानी काठमांडू की सड़कों पर हजारों युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं, जिनमें 16 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए थे। विपक्ष ने भी सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की थी।

ऐसे में, गृहमंत्री का इस्तीफा सरकार के लिए अपनी छवि सुधारने और बढ़ते जनाक्रोश को शांत करने की एक कोशिश है। यह कदम यह भी दर्शाता है कि नेपाल सरकार युवाओं की आवाज को अब और अनदेखा नहीं कर सकती। यह इस्तीफा आने वाले दिनों में नेपाल की राजनीति में और भी बड़े बदलाव ला सकता है। अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली पर टिकी हैं कि क्या वे भी विरोधियों के दबाव में कोई और बड़ा फैसला लेंगे। यह घटना साबित करती है कि सोशल मीडिया की ताकत को अब कोई भी सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती।

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Harsh Srivastava

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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