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'पूरा यूक्रेन हमारा है' पुतिन ने कर दिया ऐलान! अब रूस में आ गए जेलेंस्की, 'सफेद सोने' की खदान में भी कब्जा
Russia Ukraine war 2025 : यूरोपीय देशों की मदद से यूक्रेन को जहां राहत मिल रही है, वहीं पुतिन की खुली विस्तारवादी नीति ने युद्ध को और जटिल बना दिया है।
Russia Ukraine war 2025: रूस-यूक्रेन युद्ध की पृष्ठभूमि में, जहां रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण नियंत्रण की महत्वाकांक्षा दोहराई है, वहीं यूरोपीय देशों ने सैन्य सहायता बढ़ाकर अमेरिका द्वारा की गई कटौती की भरपाई करने का संकल्प लिया है। नाटो महासचिव मार्क रुटे ने नाटो शिखर सम्मेलन से पहले बताया कि यूरोप और कनाडा ने इस वर्ष यूक्रेन को 35 अरब डॉलर से अधिक की सैन्य मदद देने का वादा किया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा है।
मार्क रुटे के अनुसार, यह आंकड़ा वर्ष की आधी अवधि में ही 40 अरब डॉलर तक पहुंचने के करीब है, जबकि पिछले वर्ष यह कुल 50 अरब डॉलर था। यह सहायता, अमेरिका द्वारा ट्रंप प्रशासन के तहत यूक्रेन को हथियारों की सीमित आपूर्ति के चलते, एक संतुलनकारी कदम के रूप में देखी जा रही है।
अमेरिकी समर्थन सीमित, ट्रंप की सतर्कता
हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिका से पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की मांग की थी। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूक्रेन को इंटरसेप्टर सिस्टम की जरूरत है, लेकिन उसकी उपलब्धता सीमित है क्योंकि अमेरिका इसे इज़राइल को भी भेज रहा है। अभी तक ट्रंप प्रशासन ने केवल F-16 फाइटर जेट्स के पुर्जे देने की मंजूरी दी है। ज़ेलेंस्की ने हेग में कहा कि उन्होंने ट्रंप से पैट्रियट पर सीधी बातचीत की है।
पुतिन का बयान: "पूरा यूक्रेन हमारा है"
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 20 जून को सेंट पीटर्सबर्ग में आर्थिक मंच के दौरान कहा, रूसी और यूक्रेनी लोग एक ही राष्ट्र हैं, इस नज़रिए से पूरा यूक्रेन हमारा है। उन्होंने कहा, जहां भी रूसी सैनिक कदम रखते हैं, वह क्षेत्र हमारा बन जाता है। इसके जवाब में यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबिहा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, जहां भी रूसी सैनिक कदम रखते हैं, वहां केवल मौत और तबाही होती है। ज़ेलेंस्की ने एक पोस्ट में लिखा, पुतिन ने खुलकर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी है वे न केवल यूक्रेन, बल्कि बेलारूस, बाल्टिक देश, मोल्दोवा और काकेशस तक विस्तार चाहते हैं।
जर्मनी का रणनीतिक बदलाव
जर्मनी ने अपनी रक्षा नीति में बड़ा बदलाव करते हुए 2035 तक रक्षा खर्च को GDP के 5% तक बढ़ाने का ऐलान किया है। इसमें साइबर सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी शामिल किया जाएगा। यह कदम ट्रंप की उस मांग के अनुरूप है जिसमें उन्होंने यूरोपीय सहयोगियों से रक्षा पर अधिक खर्च की अपेक्षा की थी।
युद्ध की जमीनी हकीकत: रूस का हमला तेज, यूक्रेन की जवाबी कार्रवाई
नाटो शिखर सम्मेलन के सप्ताह में, रूस ने यूक्रेन पर दैनिक 200 से अधिक हमले किए। ज़ेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन इस समय 695,000 रूसी सैनिकों से लड़ रहा है, जबकि 52,000 अतिरिक्त सैनिक सुमी क्षेत्र में नया मोर्चा खोलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यूक्रेनी सेना ने इस क्षेत्र में रूसी सैनिकों को पीछे धकेल दिया है।
ड्रोन और मिसाइलों से तबाही
रूस ने यूक्रेन के शहरों में ड्रोन और मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं।
19 जून को कीव में एक इमारत पर हमले में 30 नागरिक मारे गए, 172 घायल हुए।
ओडेसा और खार्किव में 20 से अधिक ड्रोन हमले हुए, जिससे कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
ज़ेलेंस्की के अनुसार, सप्ताह भर में रूस ने 352 ड्रोन और 16 मिसाइलें दागीं, जिनमें उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में रूसी हमले में 20 लोगों की मौत और 300 घायल हुए।
समर्थन, रणनीति और संघर्ष की त्रिमूर्ति
यूरोपीय देशों की मदद से यूक्रेन को जहां राहत मिल रही है, वहीं पुतिन की खुली विस्तारवादी नीति ने युद्ध को और जटिल बना दिया है। अमेरिका की भूमिका अब संदेह के घेरे में है, जबकि यूरोपीय देश सैन्य संतुलन साधने की कोशिश में लगे हैं। जमीन पर रूसी हमले और नागरिकों की मौतें यह दर्शाती हैं कि युद्ध का अंत अभी दूर है।


