टैरिफ के खिलाफ अमेरिका में ही होने लगा विरोध,सड़को पर उतरे प्रदर्शनकारी,'ट्रंप वापस जाओ' के लगाए नारे

Trump Tariff Protest in America:अमेरिका में श्रमिकों ने ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

Harsh Srivastava
Published on: 3 Sept 2025 10:21 AM IST
टैरिफ के खिलाफ अमेरिका में ही होने लगा विरोध,सड़को पर उतरे प्रदर्शनकारी,ट्रंप वापस जाओ के लगाए नारे
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Trump Tariff Protest in America: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें अब उनके अपने ही घर में बढ़ गई हैं। भारत सहित कई देशों के साथ चल रही टैरिफ वॉर और उनकी नीतियों से नाराज़, हजारों अमेरिकी श्रमिकों ने सोमवार को ट्रंप के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिक दिवस के मौके पर, कामगारों ने न्यूयॉर्क स्थित उनके आवास के बाहर “ट्रंप वापस जाओ” के नारे लगाए। यह विरोध सिर्फ न्यूयॉर्क तक सीमित नहीं था, बल्कि शिकागो, वाशिंगटन डीसी और सैन फ्रांसिस्को सहित कई शहरों में एक साथ हुआ। यह विरोध प्रदर्शन ट्रंप के कार्यकाल में जनता के बढ़ते असंतोष को दिखाता है।

सड़कों पर उतरे मजदूर: 'फासीवादी शासन' खत्म करो

श्रमिक दिवस के अवसर पर, अमेरिका के मजदूर वर्ग ने एकजुट होकर ट्रंप सरकार की नीतियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लहराए, जिन पर 'फासीवादी शासन को खत्म करो' जैसी मांगें लिखी थीं। शिकागो और न्यूयॉर्क में 'वन फेयर वेज' संगठन के तत्वाधान में इन प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की समस्याओं और न्यूनतम मजदूरी की ओर ध्यान खींचना था, जो अभी भी 7.25 डॉलर प्रति घंटा है। ट्रंप टॉवर के बाहर, प्रदर्शनकारियों ने 'नेशनल गार्ड नहीं चाहिए' और 'उसे जेल में डालो' जैसे नारे भी लगाए। यह दिखाता है कि ट्रंप की नीतियों से सिर्फ अंतरराष्ट्रीय संबंध ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि उनके अपने देश में भी जनता का धैर्य जवाब दे रहा है।

आप्रवासन पर विरोध: वाशिंगटन डीसी में प्रदर्शन

वाशिंगटन डीसी में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। उनके हाथों में 'इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट का अतिक्रमण बंद करो' और 'डीसी को मुक्त करो' जैसे नारे लिखे पोस्टर और बैनर थे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रंप प्रशासन की सख्त आप्रवासन नीतियों का विरोध किया, जिसमें नेशनल गार्ड सैनिकों का इस्तेमाल भी शामिल था। इस विरोध प्रदर्शन के ठीक बाद, एक संघीय न्यायाधीश ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया कि दक्षिणी कैलिफोर्निया में आप्रवासन प्रवर्तन के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान ट्रंप प्रशासन द्वारा नेशनल गार्ड सैनिकों का इस्तेमाल करना अवैध है। इस फैसले ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों को और भी मजबूत कर दिया है।

क्यों हो रहा है विरोध? टैरिफ वॉर से कनेक्शन

यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ न्यूनतम मजदूरी या आप्रवासन नीतियों तक सीमित नहीं है। ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत, उन्होंने भारत, चीन और यूरोपीय संघ जैसे कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए हैं। इन टैरिफ ने न केवल अमेरिकी कंपनियों के लिए आयात महंगा कर दिया है, बल्कि इसका असर अमेरिकी श्रमिकों की नौकरियों और उनके जीवन पर भी पड़ रहा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की नीतियों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बाधित किया है, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। यही कारण है कि अमेरिकी जनता अब सड़कों पर उतरकर ट्रंप के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रही है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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