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पुतिन को हथियार भेजे तो ट्रंप ने दुनिया को दिखाई आंख, 19 भारतीय कंपनियां कर दी बैन, भारत ने भी तोड़ी चुप्पी
America sanctions Indian companies: अमेरिका ने रूस को डिफेंस सप्लाई के आरोप में 19 भारतीय कंपनियों पर बैन लगा दिया है, जिस पर भारत ने कहा कि किसी कानून का उल्लंघन नहीं हुआ है।
US sanctions Indian companies
America sanctions Indian companies: अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 19 भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन पर आरोप है कि वे रूस को डिफेंस से जुड़े उपकरण और सप्लाई प्रदान कर रही थीं। अमेरिका का कहना है कि ये सप्लाई यूक्रेन युद्ध में रूस की सैन्य ताकत बढ़ा रही हैं। इस मामले में भारत ने आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया है कि इन कंपनियों ने किसी भारतीय कानून का उल्लंघन नहीं किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बयान जारी कर कहा, "हमने भारतीय कंपनियों पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की रिपोर्ट देखी है। भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करता है। हम रक्षा निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बरतते हैं।"
जयसवाल ने आगे कहा, "इन 19 कंपनियों ने भारत के किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।" उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न विभागों और एजेंसियों के साथ मिलकर इन कंपनियों को निर्यात नियमों की जानकारी और प्रशिक्षण देने का कार्य कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
भारत के अलावा इन देशों की कंपनियों पर भी हुई कार्रवाई
अमेरिका ने सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि रूस, चीन, तुर्की, मलेशिया, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों की कुल 398 कंपनियों पर कार्रवाई की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये कंपनियां रूस को ऐसे उपकरण, पुर्जे और मशीनें सप्लाई कर रही थीं जिनका उपयोग सीधे तौर पर युद्ध में किया जा रहा है।
इनमें से कई कंपनियां इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस, मशीन टूल्स और एयरक्राफ्ट स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति कर रही थीं। अमेरिका के विदेश, ट्रेजरी और वाणिज्य विभागों ने मिलकर इन प्रतिबंधों को लागू किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने रूस के रक्षा मंत्रालय और उससे जुड़ी कई कंपनियों व अधिकारियों पर भी राजनयिक प्रतिबंध लगाए हैं।
अमेरिका ने क्यों लिया ये कदम?
अमेरिका ने यह कदम तीसरे पक्ष के देशों के खिलाफ सख्त संदेश देने के मकसद से उठाया है कि यदि वे रूस की सैन्य गतिविधियों में सहयोग करेंगे, तो उन्हें भी परिणाम भुगतने होंगे। भारतीय कंपनियों की बात करें तो अमेरिका की जारी की गई सूची में चार कंपनियों के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं- एसेंड एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मास्क ट्रांस, TSMD ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड और फुट्रेवो। इन कंपनियों पर रूस को रक्षा से जुड़ी सामग्रियों की आपूर्ति का आरोप है। भारत सरकार अब इस मामले पर गहराई से निगरानी रख रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है।


