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फिर छिड़ गई जंग! अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में आई दरार, Trump का टूट गया सब्र का बांध
US Canada relations 2025: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते फिर से तनाव में हैं। दोनों देशों के बीच टैरिफ युद्ध गहरा गया है।
US Canada relations 2025
US Canada relations 2025: अमेरिका और कनाडा के बीच रिश्ते एक बार फिर बिगड़ते हुए दिख रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के साथ सभी व्यापारिक बातचीत को तुरंत खत्म कर देने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले से दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर फिर से तलवारें खिंच सकती हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि अगले 7 दिनों में कनाडा को बता दिया जाएगा कि उसे अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए कितना टैरिफ चुकाना होगा।
ट्रंप बोले- कनाडा के साथ व्यापार करना मुश्किल है
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कनाडा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "कनाडा के साथ व्यापार करना बहुत मुश्किल है।" दरअसल, ट्रंप के इस फैसले की मुख्य वजह कनाडा द्वारा अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर लगाए गए 'डिजिटल सेवा टैक्स' है। आपको बता दें कि कनाडा ने अमेजन, मेटा, गूगल, एप्पल जैसी बड़ी-बड़ी कुछ टेक्नोलॉजी कंपनियों की कमाई पर 3 प्रतिशत डिजिटल टैक्स लगाया है, जिसे 30 जून तक चुकाना है। कनाडा उन टेक्नोलॉजी कंपनियों से राजस्व वसूलना चाहता है, जो कनाडा में ऑनलाइन सेवाएं देकर अच्छी खासी कमाई करती हैं। यह टैक्स उन कंपनियों पर लागू होगा जिनका सालाना वैश्विक राजस्व 75 करोड़ डॉलर और कनाडा में राजस्व 2 करोड़ कनाडाई डॉलर से ज्यादा है।
ट्रंप ने इसे "देश पर सीधा और स्पष्ट हमला" बताते हुए कहा कि कनाडा यूरोपीय संघ की नकल कर रहा है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि इस "भयानक टैक्स" की वजह से वो कनाडा के साथ सभी व्यापार चर्चाओं को तुरंत खत्म कर रहे हैं।
डिजिटल टैक्स हटाने के मूड में नहीं कनाडा
इस मामले पर कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांकोइस फिलिप कैंपेंग ने पहले ही साफ कर दिया था कि अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता के बावजूद कनाडा टेक्नोलॉजी कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने की योजना से पीछे नहीं हटेगा। कनाडा के इसी सख्त रुख की वजह से कनाडा और अमेरिका के रिश्तों में खटास आ गई है और दोनों देशों के बीच नए तनाव की जड़ बन गया। हालांकि, इस फैसले से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बुरा असर पड़ सकता है, क्योंकि कनाडा अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।


