Ganesh Utsav 2025 Mein Kab Hai :गणेश उत्सव 2025 में कब है शुभ समय, जानिए

Ganesh Utsav 2025 Mein Kab Hai : गणेश चतुर्थी का त्योहार 2025 में कब है, जानिए सही तारीख मुहूर्त और 2026 में पड़ने वाले गणेश उत्सव की तारीख कब है...

Suman  Mishra
Published on: 1 Aug 2025 12:15 PM IST
Ganesh Chaturthi 2025, image- social media
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Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी कब है 2025 में : भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश उत्सव का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन को गणेश जी के अवतरण के रुप में मनाते हैं। वैसे तो हर महिने की चतुर्थी तिथि का धार्मिक महत्व है, लेकिन गणेश महोत्सव भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को होता है। इस साल गणेश उत्सव 27 अगस्त 2025 दिन बुधवार को मनाया जाएगा। वैसे तो पूरे देश में धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट्र में इसका दोगुना उत्साह रहता है।

गणेश चतुर्थी का शुभ मुहूर्त (Ganesh Chaturthi ka Shubh Muhurat)

भाद्र मास की चतुर्थी तिथि चतुर्थी तिथि 26 अगस्त 2025 को दोपहर 01. 54 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 27 अगस्त को दोपहर 03. 44 मिनट पर चतुर्थी तिथि का समापन होगा। उदया तिथि में 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी को मनाई जाएगी।

पूजन मुहूर्त सुबह 11 . 03 मिनट से दोपहर1 .34 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02.31 मिनट की है।

सुबह मुहूर्त- 06.03 AM से 08.33 AM तक

गणेश चतुर्थी के दिन दोपहर गणेश पूजा – 11.04 AM से 13.32 PM

सूर्योदय - सुबह 06 .28 मिनट पर

सूर्यास्त - शाम 06. 14 मिनट पर

चन्द्रोदय- सुबह 08 . 52 मिनट पर

चंद्रास्त- शाम 08 . 28 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 03 . 58 मिनट से 04 .43 मिनट तक

विजय मुहूर्त - दोपहर 01 .58 मिनट से 02 .49 मिनट तक

गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 . 14 मिनट से 06 . 36 मिनट तक

निशिता मुहूर्त - रात 11 .28 मिनट से 12 . 13 मिनट तक

साल 2025 मेंगणेश चतुर्थी का आखिरी दिन अनंत चतुर्दशी 5 सितंबर 2023, को मनाई जाएगी। अनंत चतुर्दशी के दिन लोग बप्पा को विदा करते हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन षोड्शोपचार विधि से गणेश जी की पूजा की जाती है। इस दिन फूल अक्षत, दुर्वा, लड्डू और मोदक से विघ्नहर्ता भगवान गणेश को प्रसन्न किया जाता है। प्रथम पूज्य भगवान गणेश को जो भी जातक या व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति से पूजता और ध्यान करता है। उनके हर कष्ट को पार्वती पुत्र लंबोदर हर लेते हैं। गजानन की भक्ति के लिए इस दिन सुबह स्नान कर प्रात: घर में गणेश जी की नई मू्र्ति लाए और विधि-विधान से स्थापित करें। फिर पूजा व्रत कर संकल्प लें और जीवन में समृद्धि व खुशहाली के लिए ऋद्धि-सिद्धि बुद्धि के दाता से कामना करें।

2026 में गणेश चतुर्थी कब है

14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी है । गणेश पूजन के लिए दोपहर का मुहूर्त :11:02:19 से 13:30:53 तक, और इसकी कुल अवधि :2 घंटे 28 मिनट समय जब चन्द्र दर्शन :07:08:25 से 20:07:59 तकनहीं करना चाहिए।

क्यों है कलंकित है चौथ

मान्यता है की गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए, वरना कलंक का भागी होते है। अगर भूल से चन्द्र दर्शन हो जाए तो इस दोष के निवारण के लिए नीचे लिखे मन्त्र का 28, 54 या 108 बार जाप करें। श्रीमद्भागवत के दसवें स्कन्द के 57वें अध्याय का पाठ करने से भी चन्द्र दर्शन का दोष समाप्त हो जाता है।

चन्द्र दर्शन दोष निवारण मन्त्र:

सिंहःप्रसेनमवधीत् , सिंहो जाम्बवता हतः।

सुकुमारक मा रोदीस्तव, ह्येष स्यमन्तकः।।इस दिन तुलसी के पत्ते (तुलसी पत्र) गणेश पूजा में इस्तेमाल नहीं हों। तुलसी को छोड़कर बाकी सब पत्र-पुष्प गणेश जी को प्रिय हैं। गणेश पूजन में गणेश जी की एक परिक्रमा करने का विधान है। कुछ मत के अनुसार गणेश जी की तीन परिक्रमा भी की जाती है।


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Suman Mishra

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है

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