26 या 27 अक्टूबर, कब है छठ पूजा? नहाय खाय से लेकर खरना तक, जानें सही तिथि

Chhath Puja 2025 Date: नहाय खास से छठ पूजा की शुरूआत होती है और सप्तमी को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पर्व का समापन होता है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 22 Oct 2025 2:39 PM IST
Chhath Puja 2025
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Chhath Puja 2025: दीपावली के छठवें दिन मनायी जाने वाली छठ पूजा को लेकर तैयारियां हर तरफ शुरू हो चुकी हैं। हर साल छठ महापर्व कार्तिक माह में मनायी जाती है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से लेकर सप्तमी तक छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है। नहाय खास से छठ पूजा की शुरूआत होती है और सप्तमी को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पर्व का समापन होता है।

चार दिनों तक चलने वाला यह महापर्व उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल में भी मनाया जाता है। छठ पूजा पर विवाहित महिलाएं संतान की लंबी आयु के लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत रखती हैं। साल 2025 में छठ पर्व की शुरूआत 25 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ होगी।

कब है कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि?

हिंदू पंचांग के मुताबिक कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि 27 नवंबर 2025 को प्रातःकाल 06.04 बजे से शुरू हो जाएगी। वहीं इसका समापन 28 अक्टूबर को प्रातःकाल 07.59 बजे होगा। इसके बाद सप्तमी तिथि लग जाएगी।

छठ पूजा के दिन बने रहे शुभ योग

ज्योतिषियों के मुताबिक, छठ पूजा के दिन सुकर्मा और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है। रवि योग का संयोग रात्रि 10.46 बजे तक रहेगा। वहीं सुकर्मा योग पूरी रात रहेगा। छठ पूजा के दिन व्रती महिला रवि योग में ही सूर्य देव को अर्घ्य देंगी। इस योग में सूर्य देव की उपासना और अर्घ्य देने से आरोग्यता का वरदान मिलेगा। साथ ही घर-परिवार में सुख और समृद्धि बढ़ती है।

पहला दिन नहाय खाय

नहाय खाय के साथ छठ पूजा की शुरुआत होती है। इस बार 25 अक्टूबर 2025 को नहाय खाय होगा। छठ पूजा में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है। वहीं दूसरे दिन 26 अक्टूबर 2025 को खरना कहा जाता है। खरना पर महिलाएं दिनभर उपवास रखकर शाम को खीर और पूड़ी का सेवन करती हैं।

तीसरा दिन दिया जाएगा संध्या अर्घ्य

छठ पूजा का तीसरा दिन विशेष होता है। इस साल छठ पूजा पर संध्या अर्घ्य 27 अक्टूबर 2025 को दिया जाएगा। तीसरे दिन महिलाएं निर्जल उपवास रखकर डूबते हुए हुए सूर्य को अर्घ्य देती हैं। भगवान सूर्य को ठेकुआ और मौसमी फलों का भोग चढ़ाया जाता है। साथ ही दूध और जल से अर्घ्य दिया जाता है।

चौथे दिन दिया जाएगा उषा अर्घ्य

छठ पूजा के चौथे दिन और अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। 28 अक्टूबर 2025 को उगते हुए सूर्य को कच्चे दूध और जल को मिलाकर अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद व्रत का समापन किया जाता है।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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