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महागठबंधन में स्वाभाविक स्वीकार्यता नहीं, तेजस्वी के सीएम फेस बनने पर बोले चिराग पासवान
Bihar Elections: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव को सीएम फेस बनाए जाने को 'दबाव की राजनीति' बताया। कहा कि महागठबंधन में स्वाभाविक स्वीकार्यता नहीं, कांग्रेस को ब्लैकमेल किया गया।
Chirag Paswan
Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस घोषणा को लेकर महागठबंधन पर बड़ा हमला बोला है।
'ब्लैकमेल और दबाव' का आरोप
पटना में मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि यह घोषणा दबाव बनाकर करवाई गई है। उन्होंने कहा, "इतना लड़कर, इतनी मिन्नतें करके, कहीं पर डर दिखाकर, कहीं पर दबाव बनाकर अगर आपको सीएम का चेहरा स्वीकार किया तो क्या स्वीकार किया?" उन्होंने साफ कहा कि तेजस्वी के सीएम चेहरे के नाम पर महागठबंधन में स्वभाविक स्वीकार्यता नहीं है। चिराग ने आरोप लगाया कि सीएम का चेहरा बनने के लिए इन लोगों ने कांग्रेस के लोगों को ब्लैकमेल किया और मुकेश सहनी ने भी उपमुख्यमंत्री पद के लिए सारे समझौते कर लिए। उन्होंने कहा कि इतना कुछ करके अगर कोई नेता बनता है तो इसका मतलब है कि उसके चेहरे को लेकर स्वाभाविक स्वीकार्यता नहीं है।
महागठबंधन में अहंकार और एनडीए का नेतृत्व
चिराग पासवान ने महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं की तस्वीर न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "महागठबंधन ने एक चेहरे को सामने करने के लिए बाकी सभी चेहरों को हटा दिया, मुझे ताज्जुब है।" उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि प्रेस वार्ता में उनके किसी भी नेता की तस्वीर न होना कैसे स्वीकार किया गया? उन्होंने यहाँ तक कहा कि जब उस प्रेस वार्ता में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव की ही तस्वीर लगाना जरूरी नहीं समझा गया, तो यह अहंकार को दर्शाता है।
एनडीए का नेतृत्व
चिराग पासवान ने एनडीए के मुख्यमंत्री चेहरे पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा यही कहती है कि चुनाव के बाद 14 नवंबर के बाद एनडीए के विधायक एक बार फिर नीतीश कुमार को नेता चुनेंगे और उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।


