Cancer Treatment Cost Control: कैंसर बीमा को सस्ता और सुलभ बनाने की सिफारिश

Cancer Treatment Cost Control: कैंसर बीमा, दवाओं की कीमत नियंत्रण, नए अस्पताल, ग्रामीण जांच केंद्र और जागरूकता अभियानों पर समिति की सिफारिशें।

Sonal Girhepunje
Published on: 21 Aug 2025 12:22 PM IST
Cancer Treatment Cost Control
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Cancer Treatment Cost Control

Cancer Treatment Cost Control: कैंसर का इलाज बहुत महंगा होता है और आम लोगों के लिए इसका खर्च उठाना मुश्किल है। इसी वजह से संसद की याचिका समिति ने अपनी 163वीं रिपोर्ट में कुछ अहम सुझाव दिए हैं। समिति चाहती है कि कैंसर की जांच और इलाज के लिए तय दाम बनाए जाए और इन्हें सरकार की बीमा योजनाओं में शामिल किया जाए।

अगर ऐसा होता है तो ज़्यादा लोगों को कैंसर बीमा का लाभ मिलेगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दवाओं और वैक्सीन पर कीमत नियंत्रण होना चाहिए। साथ ही, नए अस्पताल खोले जाए, ग्रामीण इलाकों में जांच केंद्र बनाए जाएँ और मरीजों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिले। इससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है।

मानक पैकेज

समिति ने कहा कि कैंसर की जांच और इलाज के लिए तय दाम वाले पैकेज बनाए जाएँ। इन्हें सरकारी बीमा योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि आम लोग भी लाभ उठा सकें।

दवाओं और वैक्सीन पर नियंत्रण

अभी 42 ज़रूरी कैंसर दवाओं पर 30% तक मार्जिन कैप है। समिति चाहती है कि यह नियम कैंसर वैक्सीन, इम्यूनोथेरेपी और ओरल कीमोथेरेपी पर भी लागू हो।

बीमा और कैशलेस इलाज

समिति ने कहा कि ऐसे नियम बीमा कंपनियों की लागत घटाएँगे और बीमा सस्ता होगा। नए कैंसर अस्पताल खोले जाएँ। इन्हें सरकार, निजी कंपनियां और PPP मॉडल से बनाया जाए। बीमा नेटवर्क से जुड़ने पर मरीजों को कैशलेस इलाज मिलेगा।

शुरुआती जांच और स्क्रीनिंग

कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए अलग स्क्रीनिंग केंद्र बनाए जाएँ। कैंसर स्क्रीनिंग को PMJAY, CGHS और ECHS जैसी सरकारी योजनाओं में शामिल किया जाए।

मिलजुल कर काम करने की ज़रूरत

कैंसर का इलाज सबके लिए सस्ता और आसान बनाने के लिए सरकार, बीमा कंपनियां और निजी क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान

देश में जांच केंद्र कम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो सुविधा और भी कम है। वहाँ नए जांच केंद्र और डॉक्टरों की ज़रूरत है।

जागरूकता और NGO की भूमिका

कैंसर स्क्रीनिंग दर कम है। सरकार को राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कार्यक्रम का विस्तार करना चाहिए। हर क्षेत्र के हिसाब से जागरूकता अभियान चलाए जाएँ। इसमें NGOs की मदद ली जाए।

सामाजिक शर्म और सेलिब्रिटी

कैंसर को लेकर समाज में शर्म है। इसे दूर करने के लिए समिति ने कहा कि कैंसर से ठीक हुए लोग और सेलिब्रिटी लोगों को जागरूक करें।

मरीज सहायता कार्यक्रम

समिति ने सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) की तारीफ की। इससे गरीब लोगों को सस्ती दवाइयाँ मिल रही हैं।

दवा कंपनियों की जिम्मेदारी

समिति ने कहा कि दवा कंपनियों को भी मरीज सहायता कार्यक्रमों में हिस्सा लेना चाहिए। इससे गरीब और दूर-दराज़ के मरीजों तक सस्ती दवा और इलाज पहुँच सकेगा।

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Sonal Girhepunje

Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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