Lok Sabha Passes Online Gaming Bill: लोकसभा ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग ऐप्स को नियमों के दायरे में लाया

Lok Sabha Passes Online Gaming Bill: Lok Sabha ने पास किया ऑनलाइन गेमिंग बिल, रियल मनी गेम्स पर रोक, ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स की अनुमति

Sonal Girhepunje
Published on: 20 Aug 2025 6:23 PM IST
Lok Sabha Passes Online Gaming Bill
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Lok Sabha Passes Online Gaming Bill: लोकसभा ने बुधवार को ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पास किया। इसका मकसद तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए नियम बनाना और खिलाड़ियों को सुरक्षा देना है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिल पेश किया। इसके तुरंत बाद लोकसभा में इसे मंजूरी मिल गई। बिल में ऑनलाइन गेम्स जिनमें पैसे का दांव होता है, उन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। सरकार ने कहा कि इससे युवाओं में जुआ, वित्तीय नुकसान और इससे जुड़े आत्महत्या के मामले कम होंगे।

बिल के अनुसार, ऑनलाइन बेटिंग और जुआ के सभी रूप, जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रम्मी और ऑनलाइन लॉटरी बंद होंगे। इसके अलावा, ऐसे गेम्स के विज्ञापन भी नहीं दिखाए जा सकेंगे और बैंक या वित्तीय संस्थान इन लेनदेन को प्रोसेस नहीं करेंगे।

ऑनलाइन मनी गेम वह गेम है जिसमें खिलाड़ी पैसे जमा करके वित्तीय लाभ की उम्मीद करता है।

हालांकि, सरकार ने कहा कि ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स पर रोक नहीं होगी। इन गेम्स के लिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं, लेकिन किसी प्रकार का पैसा कमाने का वादा नहीं होगा।

अगर कोई इसे ऑफर करता है या सुविधाए देता है, तो तीन साल तक जेल और या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

MeitY सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि रियल मनी गेम्स को रोकना समाजहित में है। ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने बताया कि नौकरी के नुकसान और पैसे वाले गेम्स के जोखिमों पर संतुलन बनाकर यह निर्णय लिया गया है।

भारत में नए कानून के बाद गेमिंग उद्योग पर बड़ा असर पड़ेगा। फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियां जैसे Dream11 और MPL, जिनके लाखों यूजर्स हैं, अब अपना बिज़नेस बदलने पर मजबूर होंगी।

क्रिकेट लीग और बड़े खेल आयोजनों की स्पॉन्सरशिप पर भी असर पड़ सकता है। कई टीमें और आयोजक इन कंपनियों से पैसा पाते रहे हैं।

सरकार कहती है कि यह कदम युवाओं की सुरक्षा और समाज के हित के लिए जरूरी है। लेकिन उद्योग का कहना है कि इससे लाखों लोगों की नौकरियों पर असर होगा।

कई विशेषज्ञों ने बिल का स्वागत किया। Apollo Hospitals की उपाध्यक्ष प्रीथा रेड्डी ने कहा, “यह बिल सिर्फ नियम नहीं, सुरक्षा है। रियल मनी गेम्स ने बच्चों और युवाओं को मानसिक और पैसों के मामले में कमजोर किया है।”

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Sonal Girhepunje is a Former Senior Writer at Newstrack.com.

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