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Dhirendra Shastri कथावाचक से बने सिंगर मनोज तिवारी संग गाया गाना Govind Chale Aate Hain
Govind Chale Aate Hain Song Dhirendra Shastri : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मनोज तिवारी संग गाया गोविंद चले आते हैं गाना
Govind Chale Aate Hain Song Dhirendra Shastri (Image Credit- Social Media)
Dhirendra Shastri Song Govind Chale Aate Hain: कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री अक्सर किसी ना किसी वजह से सुर्खियों में रहते हैं। पहले वो अपने द्वारा किए जाने वाले भविष्यवाणी की वजह से सुर्खियों में बने रहते थे। वो जहाँ पर भी कथा कहने जाते थे वहाँ पर अच्छी-खासी भीड़ दर्शकों की देखने को मिलती थी। तो वहीं धीरे-धीरे Dhirendra Krishna Shastri इतने प्रसिद्ध हो गए कि उनकी जान-पहचान बॉलीवुड और राजनेता से जगत से जुड़े लोगों से हो गई है। हालहि में Dhirendra Krishna Shastri की तस्वीर भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के साथ वायरल हुई थी। तो वहीं अब जाकर भोजपुरी अभिनेता, गायक और राजनेता मनोज तिवारी संग Dhirendra Krishna Shastri की ना केवल वीडियो ही सामने आया है। अपितु दोनों ने मिलकर भगवान का एक गाना भी गाया है। जोकि रिलीज हो चुका है।
धीरेंद्र शास्त्री मनोज तिवारी गाना गोविंद चले आते हैं ( Dhirendra Shastri Manoj Tiwari Govind Chale Aate Hain Song )-
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जोकि एक कथावाचक हैं, लेकिन अब वो सिंगर बन गए हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मनोज तिवारी के साथ गोविंद चले जाते हैं...नामक इस भजन में बाबा धीरेंद्र भावपूर्ण अंदाज में सुरों से भक्ति का संचार करते दिख रहे हैं। वीडियो में वे प्रोफेशनल रिकॉर्डिंग स्टूडियो में गायन करते नजर आ रहे हैं। तो वहीं इस रिकॉर्डिंग के दौरान भोजपुरी गायक और बीजेपी सांसद मनोज तिवारी अपनी पत्नी सुरभि तिवारी के साथ वहाँ मौजूद रहे और बाबा का उत्साह बढ़ाया। धीरेंद्र शास्त्री का गाना Govind Chale Aate Hain हैं गुरू पूर्णिमा के अवसर पर रिलीज हुआ है। ये गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है।
धीरेंद्र शास्त्री ने तीन देशों की यात्रा की, जिसमें फिजी, ऑस्ट्रलिया और अन्य स्थान शामिल रहे,ऑस्ट्रेलिया में भव्य कथा के बाद वे फिजी के नाडी शहर पहुँचे, जहाँ तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय भारतीय समुदाय की भारी भागीदारी देखी गई, फिजी की राजधानी सूबा में भी उन्होंने प्रवचन दिए और नाग मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इन आयोजनों के माध्यम से उन्होंने न सिर्फ सनातन धर्म का प्रचार किया, बल्कि भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।


