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Bihar Election 2025 में एनडीए को निर्णायक ताकत, महागठबंधन को बड़ा झटका
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणाम आज घोषित हो गए है। मतों की गिनती के बाद एनडीए की सरकार बनना तय हो गया है। महागठबंधन और तेजस्वी यादव को बिहार में बड़ा झटका लगा है।
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों की तस्वीर साफ हो गई है। कुल 243 सीटों वाले सदन में भाजपा और जदयू मिलकर बहुमत की मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। भाजपा ने 89 सीटों पर जीत की है। जबकि नीतीश कुमार की जदयू ने 85 सीट पर जीत हासिल की है। एनडीए के दोनों प्रमुख दलों का प्रदर्शन दिखा रहा है कि जनता ने विकास, स्थिरता और नेतृत्व पर भरोसा जताया है। वहीं महागठबंधन बुरी तरह लड़खड़ा गया है। राजद केवल 25 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस महज 6 सीटों तक ही सीमित रह गई है। यह नतीजे विपक्षी गठबंधन को वोटरों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और बड़े पैमाने पर उसके पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है। वहीं छोटे दलों की बात करें तो लोजपा (रामविलास) ने 19 सीटों के साथ प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करवाई है। एआईएमआईएम ने 5 सीटें, हम ने 5 सीटें और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने 4 सीटें हासिल की हैं। वाम दलों में CPI-ML के खाते में 2, CPI(M) के पास 1, वहीं बीएसपी और आईआईपी को 1-1 सीट पर जीत मिली है। जहां एनडीए को बड़ी ताकत मिली, वहीं महागठबंधन को अप्रत्याशित झटका लगा है।
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- 14 Nov 2025 10:07 PM IST
बिहार चुनाव में मैथिली ठाकुर की ऐतिहासिक जीत, 25 साल में बनीं विधायक
बिहार विधानसभा चुनाव में दरभंगा की अलीनगर सीट सुर्खियों में रही। इस सीट पर पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं भोजपुरी लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इसके साथ ही, महज 25 साल की उम्र में विधायक बनने वाली मैथिली ठाकुर ने सबसे कम उम्र में विधानसभा पहुंचने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली मैथिली की उम्मीदवारी ने अलीनगर को बिहार की हॉट सीट में से एक बना दिया था। अलीनगर सीट पर हुए चुनाव में भाजपा की मैथिली ठाकुर को कुल 84,915 वोट मिले। वहीं, उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी महागठबंधन के उम्मीदवार और राजद नेता बिनोद मिश्रा को 73,185 वोट प्राप्त हुए। मैथिली ने इस सीट पर 11,730 वोटों के अंतर से निर्णायक जीत हासिल की है। मालूम हो कि चुनावी माहौल में शुरू से ही इस सीट पर कड़ी टक्कर मानी जा रही थी और अब नतीजों ने यह साफ कर दिया कि मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता ने पूरा समीकरण बदल दिया। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली 25 वर्षीय लोक गायिका मैथिली ठाकुर मिथिलांचल में पहले से ही एक मजबूत प्रशंसक आधार रखती हैं। युवाओं और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों में उनकी व्यापक लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें एक रणनीतिक दांव के रूप में मैदान में उतारा था। पार्टी का उद्देश्य था कि मिथिला संस्कृति से गहराई से जुड़ी उनकी पहचान और डिजिटल लोकप्रियता को अलीनगर जैसी अहम सीट पर वोटों में बदला जाए और यह दांव सफल भी साबित हुआ। बता दें कि बिहार चुनाव के लिए मतगणना जारी है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे निकल चुकी है। इन सबके बीच एनडीए नेताओं की ओर से बधाई देने का सिलसिला जारी है।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 10:05 PM IST
असदुद्दीन और मायावती के लिए आई खुशखबरी, तो बिहार की जनता ने 'पीके' को क्यों रूलाया?
बिहार का चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। 2010 के बाद एनडीए ने इतनी बड़ी जीत बिहार में दर्ज की है। वहीं, राजद और कांग्रेस की ऐसी हालत भी बिहार में लंबे समय बाद हुई है। बिहार में जनता ने वोटों की ऐसी सुनामी चलाई कि महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया। इस चुनाव में जहां मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच था। वहीं, तीसरी ताकत के रूप में बिहार में उभरने की जी-जान से कोशिश करने वाले 'पीके' यानी प्रशांत किशोर की जनसुराज का सूपड़ा ही साफ होता नजर आया। लेकिन, जनसुराज ने इस चुनाव में जिसे सबसे ज्यादा दर्द दिया, वह राजद है, जिसके वोट बैंक में पीके की पार्टी ने सेंध लगाई है। दूसरी तरफ इस चुनाव में पीके से कम चर्चा में रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने चैन की सांस ली है। दरअसल, ओवैसी की पार्टी ने पिछली बार का बदला इस बार के चुनाव में राजद से लिया है। जब उसके जीते 5 में चार विधायक को राजद ने अपने खेमे में कर लिया था। ऐसे में ओवैसी ने सीमांचल की 6 सीटों पर अपना प्रभाव बरकरार रखा है और कुछ सीटों पर भी पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। जिससे साफ लग रहा है कि ओवैसी ने तेजस्वी की चॉकलेट छीन ली है। हुआ ये कि तमाम पुराने जख्मों को भुलाकर ओवैसी अपनी पार्टी को महागठबंधन में शामिल कराना चाहते थे और केवल 6 सीटों की मांग कर रहे थे। लेकिन, तेजस्वी ने 6 सीट देने से भी इनकार कर दिया। आज हालत यह है कि सीमांचल की उन्हीं 6 सीटों पर ओवैसी की पार्टी ने मजबूत पकड़ बनाई है। यहां सीमांचल में तेजस्वी को डबल झटका लगा है। यहां की 6 सीटों पर जहां ओवैसी की पार्टी लीड कर रही है, वहीं 18 सीटों पर एनडीए के उम्मीदवार आगे हैं। मतलब महागठबंधन का रास्ता इन्हीं पार्टियों ने ब्लॉक कर रखा है। इसके साथ ही बिहार की रामगढ़ सीट पर हाथी अपने पांव तले सबको कुचलता नजर आ रहा है। इस सीट पर बसपा को बढ़त मिली हुई है यानी इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी के लिए भी खुशखबरी मिलती दिख रही है। यहां बसपा ने राजद और भाजपा दोनों को पछाड़ रखा है। प्रशांत किशोर जैसे नेता के लिए बिहार की जनता की तरफ से जो संदेश आया वह साफ और स्पष्ट था। पीके की पार्टी जनसुराज 0 पर निपटती नजर आई। पीके 3 साल तक बिहार में घूमते रहे और उनके 98 फीसदी उम्मीदवारों की जनता ने जमानत जब्त करा दी। ऐसे में अपने बड़बोलेपन में जो दावा प्रशांत किशोर कर गए थे, उसके मुताबिक तो ऐसे लगने लगा है कि सियासत में एंट्री करने से पहले ही वह एग्जिट करने के लिए तैयार खड़े हैं। कई मीडिया चैनलों पर प्रशांत किशोर ने चुनाव के पहले दावा किया था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड 25 से ज्यादा सीटों पर नहीं जीत पाएगी। अगर ऐसा हो गया तो वह राजनीति छोड़ देंगे। वह तो यहां तक दावा कर आए थे कि या तो उनकी पार्टी 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी या 10 से भी कम। दरअसल, बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर को इतना कॉन्फिडेंस विधानसभा उपचुनावों में पार्टी को 10 प्रतिशत से ज्यादा वोट हासिल करने की वजह से आया था। उन्हें लगा था कि वह थोड़ी और मेहनत करेंगे तो बिहार चुनाव में अपनी छवि और स्पष्ट कर पाएंगे। लेकिन, उनकी पार्टी तो वोटकटवा बनकर भी सामने नहीं आ पाई। इसके साथ ही जनता के बीच प्रशांत की आवाज नहीं पहुंचने का एक कारण यह भी रहा कि वह तेजस्वी को चैलेंज करके पीछे हट गए। ऐसे में बिहार की जनता को उनकी राजनीति व्यवसाय जैसी लगने लगी। अगर तेजस्वी को चैलेंज देते प्रशांत राघोपुर से चुनाव लड़ जाते और परिणाम कुछ भी होता तो उनकी पहचान कम से कम अरविंद केजरीवाल जैसी हो ही जाती, जो 2014 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़े थे। प्रशांत किशोर अपनी सभाओं में कहते रहे कि जाति और धर्म की राजनीति वह नहीं करेंगे। लेकिन, जब पार्टी उम्मीदवारों को उतारने की बारी आई तो उन्होंने भी अन्य पार्टियों की तरह जाति और धर्म के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया। बिहार में शराबबंदी का विरोध भी प्रशांत किशोर को ले डूबा। जिस तरह महिला मतदाता इस बार नीतीश के साथ खड़ी दिखीं, उसने प्रशांत किशोर की नींद उड़ा दी। प्रशांत किशोर शायद यह समझ नहीं पाए थे कि यह बिहार है यहां जाति, समुदाय, स्थानीय समीकरण, सामाजिक गठबंधन का बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में जनसुराज की व्यवस्था-परिवर्तन वाली अपील बेशक यहां के लोगों को आकर्षक लगी थी। लेकिन, वह यह आकलन करने में चूक गए कि यहां जातिगत राजनीति की जमीन पर ही पॉलिटिक्स होती है।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 10:03 PM IST
बिहार के सभी सम्मानित मतदाताओं को इस अपार जनसमर्थन के लिए हृदय से धन्यवाद: जदयू
बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनती नजर आ रही है। हालांकि, मतगणना अभी जारी है, लेकिन रुझानों में एनडीए स्पष्ट बहुमत की ओर है। एनडीए 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि महागठबंधन 35 पर सिमटता नजर आ रहा है। चुनावी रुझानों पर भाजपा और कांग्रेस समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस क्रम में जदयू ने अपार समर्थन के लिए बिहार की जनता को धन्यवाद दिया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बिहार के लोगों को जीत की बधाई दी है। जदयू ने लिखा कि आभार बिहार। बिहार के सभी सम्मानित मतदाताओं को इस अपार जनसमर्थन के लिए हृदय से धन्यवाद। आपके विश्वास ने विकास और सुशासन की राह को और मजबूत किया है। इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री और जदूय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राज्यवासियों ने हमें भारी बहुमत देकर हमारी सरकार के प्रति विश्वास जताया है। इसके लिए राज्य के सभी सम्मानित मतदाताओं को मेरा नमन, हृदय से आभार एवं धन्यवाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनसे मिले सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार एवं धन्यवाद। एनडीए गठबंधन ने इस चुनाव में पूरी एकजुटता दिखाते हुए भारी बहुमत हासिल किया है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि इस भारी जीत के लिए एनडीए गठबंधन के सभी साथियों, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी एवं उपेंद्र कुशवाहा को भी धन्यवाद एवं आभार। आप सबके सहयोग से बिहार और आगे बढ़ेगा तथा बिहार देश के सबसे ज्यादा विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल होगा। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शुक्रवार को बिहार के मतदाताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनता ने डबल इंजन की सरकार पर वोट की मुहर लगाई। बता दें कि 243 विधानसभा सीटों पर हुए दो चरण के मतदान के बाद चुनाव आयोग ने शुक्रवार को रुझान जारी किए। इन रुझानों में एनडीए को 200 प्लस सीट मिलने का अनुमान है। इस भारी बहुमत से एनडीए के खेमे में जोश और उमंग का संचार देखने को मिल रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि मैं बिहार के मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं। बिहार के मतदाताओं ने प्रदेश में कानून के राज में हुए विकास और पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा डबल इंजन सरकार के माध्यम से बिहार की प्रगति में दिए गए योगदान को अपना आशीर्वाद दिया है। मैं एक बार फिर से मतदाताओं को धन्यवाद करता हूं।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 10:02 PM IST
बिहार में चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने ट्रेनों से भेजे फर्जी मतदाता: विजय वडेट्टीवार
बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह चुनाव ईमानदारी से नहीं हुआ। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार में अपने मुताबिक राजनीतिक स्थिति को करने के लिए 40 लाख फर्जी मतदाता तैयार किए थे। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि किसी भी राज्य में जब चुनावी बिगुल बजता है, तो भाजपा की तरफ से ये सभी फर्जी मतदाता उस राज्य में भेज दिए जाते हैं ताकि प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में कर सके। भाजपा ने बिहार में भी फर्जी मतदाताओं को ट्रेन में भरकर भेजा ताकि अपने लिए जीत का मार्ग प्रशस्त किया जा पाएं। उन्होंने कहा कि बिहार के बाद अब इन लोगों की यह प्रक्रिया कर्नाटक के लिए शुरू हो जाएगी। वहां पर भी अब भाजपा के लोग फर्जी मतदाताओं को भेजना शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए के लोग दावा कर रहे हैं कि हमने प्रदेश के विकास के लिए काम किया। मेरा सीधा सा सवाल है कि अगर आप लोगों ने प्रदेश के विकास के लिए काम किया है, तो क्यों महिलाओं को रिझाने के लिए 10 हजार रुपए देने पड़े? कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि भाजपा ने अब सरकारी खजाने से पैसे लेकर चुनाव जीतने का नया फंडा शुरू किया है, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि अब प्रदेश की जनता इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार करने वाली नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसी स्थिति में महाराष्ट्र में भी देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र में अभी से ही राजनीतिक स्थिति को अपने पक्ष में करने के लिए साढ़े सात हजार रुपये खातों में डाल दिए गए। कुछ यही हथकंडा बिहार में भी आजमाया गया। वहां पर भी महिलाओं को रिझाने के लिए 10 हजार रुपये डाल दिए गए। बिहार में पर कैपिटा इनकम बहुत कम है, तो अगर वहां के लोगों को 10 हजार रुपये मिल जाते हैं तो बहुत मिल गए, लेकिन इस तरह से देश में लोकतंत्र नहीं बचेगा।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 10:00 PM IST
कांग्रेस नेताओं ने बिहार में पार्टी के खराब प्रदर्शन की वजह बताई, बोले-आत्मचिंतन की जरूरत
बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के कई बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। इसको लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर से लेकर मुमताज पटेल तक सभी ने चुनावी नतीजों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी कहा कि बिहार चुनाव में जीत स्पष्ट रूप से एनडीए के पक्ष में है। इसे बेहद निराशाजनक बताया और कहा कि अगर यही अंतिम परिणाम रहा, तो पार्टी को गंभीर आत्ममंथन करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल बैठकर सोचने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह देखना होगा कि रणनीति, संदेश या संगठनात्मक स्तर पर क्या गलत हुआ। कांग्रेस नेता कृपानंद पाठक ने कहा कि राज्य में जिम्मेदार लोगों ने सही जानकारी नहीं पहुंचाई। उन्होंने बताया कि सही लोगों की जानकारी इकट्ठा नहीं हुई और जरूरी बातें उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंची। उनका कहना है कि चाहे यह गलती हो या किसी की लापरवाही, इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है? लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन जरूरी मामलों की सही जानकारी नहीं पहुंची। अब अधिकारियों को इस पर ध्यान देना ही पड़ेगा, नहीं तो इससे गंभीर संकट पैदा हो सकता है। कांग्रेस नेता और पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने कहा कि ये पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाता है। उनका कहना है कि किसी भी चुनाव में पार्टी की जीत का आधार उसकी संगठनात्मक शक्ति होती है। अगर संगठन कमजोर हो और प्रभावी तरीके से काम न करे तो परिणाम प्रभावित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे सभी उम्मीदवार योग्य थे, लेकिन शायद कुछ बेहतर उम्मीदवार चुने जा सकते थे। संगठन को रणनीतिक बुद्धिमानी से काम करना चाहिए था और हर क्षेत्र में मजबूत उपस्थिति बनानी चाहिए थी। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने चुनाव परिणाम पर कहा कि पार्टी को यह देखना होगा कि कहां पिछड़ गई। उन्होंने नीतीश कुमार और एनडीए को बधाई दी और कहा कि चुनाव में अनावश्यक दोस्ताना मुकाबला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि आरजेडी के संजय यादव और हमारी पार्टी के कृष्णा अलावरू बेहतर तरीके से समझा सकते हैं कि चुनाव में खराब प्रदर्शन क्यों हुआ। बिहार चुनाव में कांग्रेस की कमियों को लेकर पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद का कहना है कि वे कांग्रेस में नहीं हैं। उन्हें इस पर नहीं बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के तुरंत बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि फलां व्यक्ति ने गलत कारणों से टिकट बांटे हैं। वित्तीय अनियमितताओं और अन्य मुद्दों का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इसकी जांच होगी और अगर आरोप सही हैं और टिकट अन्य कारणों से दिए गए हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार में एआईएमआईएम के बेहतर प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि नतीजे चौंकाने वाले हैं। उन्होंने बताया कि 2010 में जब कांग्रेस ने बिना गठबंधन के चुनाव लड़ा था तो चार सीटें जीती थीं। उनमें से तीन सीमांचल में थीं और एक सीट भागलपुर से पूर्व अध्यक्ष सदानंद बाबू ने जीती थी। दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल ने कहा कि अब कोई बहाने नहीं, कोई दोषारोपण नहीं। समय है सच्चाई स्वीकार करने का। उन्होंने कहा कि कई सालों से पार्टी के साथ खड़े वफादार कार्यकर्ता लगातार पार्टी की सफलता का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार सत्ता केवल कुछ लोगों के हाथ में केंद्रित होने की वजह से उन्हें निराशा ही मिलती है। ये लोग जमीन की वास्तविकता से पूरी तरह कटे हुए हैं और बार-बार पार्टी में महत्वपूर्ण पद पा रहे हैं, जो कांग्रेस के लगातार हारने की वजह बन रहे हैं।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 9:58 PM IST
एनडीए की प्रचंड जीत पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में मिले प्रचंड जनादेश के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने बिहार में एनडीए को मिली प्रचंड जीत के लिए कार्यकर्ताओं, समर्थकों और नेताओं को बधाई दी। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत छठी मैया के जयकारे से की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने विकसित और समृद्ध बिहार के लिए मतदान किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मैंने बिहार के लोगों से एनडीए के समर्थन में वोट देने का आह्वान किया था और यहां के लोगों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पीएम मोदी ने कहा कि ये प्रचंड जीत, ये अटूट विश्वास, बिहार के लोगों ने गर्दा उड़ा दिया। हम एनडीए के लोग जनता जनार्दन के सेवक हैं। हम अपनी मेहनत से जनता का दिल खुश करते रहते हैं, और हम तो जनता जनार्दन का दिल चुरा कर बैठे हुए हैं, इसलिए आज बिहार ने बता दिया है कि फिर एक बार एनडीए सरकार। उन्होंने कहा कि जब मैं जंगलराज और कट्टा सरकार की बात करता था तो राजद पार्टी कोई आपत्ति नहीं जताती थी। हालांकि, इससे कांग्रेस बेचैन हो जाती थी। आज मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि कट्टा सरकार बिहार में कभी नहीं लौटेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार के लोगों ने विकसित और समृद्ध बिहार के लिए मतदान किया है। मैंने चुनाव प्रचार के दौरान बिहार की जनता से रिकॉर्ड वोटिंग का आग्रह किया था और बिहार के लोगों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। उन्होंने कहा कि मैंने बिहार के लोगों से एनडीए को प्रचंड विजय दिलाने का आग्रह किया था और बिहार की जनता ने मेरा ये आग्रह भी माना है, उन्होंने कहा कि बिहार ने 2010 के बाद का सबसे बड़ा जनादेश एनडीए को दिया है। मैं बहुत विनम्रता से एनडीए के सभी दलों की ओर से बिहार की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं। मैं बिहार की महान जनता को आदरपूर्वक नमन करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सिर्फ एनडीए की विजय नहीं हुई है, बल्कि लोकतंत्र की भी विजय हुई है।
इनपुट- आईएएनएस
- 14 Nov 2025 4:32 PM IST
मोकामा सीट पर अनंत सिंह ने बड़ी जीत हासिल की
मोकामा सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार अनंत सिंह ने जीत हासिल की है। उन्होंने आरजेडी की वीणा देवी को 28,206 वोटों से हराया।
- 14 Nov 2025 4:10 PM IST
जेडीयू के प्रत्याशी महेश्वर हजारी ने 38,586 वोटों से जीत हासिल की
बिहार चुनाव में जीत हासिल करने वाले पहले उम्मीदवार का नाम सामने आया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, कल्याणपुर सीट से जेडीयू के प्रत्याशी महेश्वर हजारी ने 38,586 वोटों से जीत हासिल की है।
- 14 Nov 2025 3:25 PM IST
कांग्रेस सांसद अखिलेश यादव ने हार का जिम्मेदार ठहराया
कांग्रेस राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने खराब चुनावी परिणाम के लिए आरजेडी के संजय यादव और कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "संजय यादव (आरजेडी) और कृष्णा अल्लावरू (कांग्रेस) ही बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ।" महागठबंधन के नतीजों पर उन्होंने कहा कि सीट शेयरिंग में हुई देरी और आपसी समझौते की कमी से नुकसान हुआ। अखिलेश सिंह ने यह भी कहा, "हम बैठक करेंगे, सोचेंगे कि कहां गलती हुई। पहले से भीड़ काफी बड़ी थी, लेकिन परिणाम उम्मीद से उलट आए हैं।
- 14 Nov 2025 3:10 PM IST
जयराम ठाकुर ने राहुल गांधी पर किया हमला
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता जयराम ठाकुर ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, "बिहार की जनता ने राहुल गांधी और महागठबंधन के झूठ को नकार दिया है। हिमाचल के मुख्यमंत्री कांग्रेस की गारंटियों के प्रचारक बनकर वहां गए थे, लेकिन कांग्रेस अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई। उनकी गारंटियों का मॉडल पूरे देश ने ठुकरा दिया है।"


