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लालू परिवार में 'महाभारत'! तेजस्वी vs तेज प्रताप, बड़े भाई ने छोटे को कहा- चुनाव के बाद झुनझुना पकड़ाएंगे
Tej Pratap Yadav News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच महुआ और राघोपुर सीटों पर चुनावी टक्कर हो रही है। यह मुकाबला राजनीतिक और पारिवारिक दृष्टिकोण से भी अहम है। तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी को चुनौती दी है, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है।
Tej Pratap Yadav News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा। इन चुनावों में कुछ सीटें ऐसी हैं जिन पर खास चर्चा हो रही है, जिनमें से महुआ और राघोपुर सीट प्रमुख हैं। महुआ सीट से लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी, जनशक्ति जनता दल, के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं, जबकि राघोपुर सीट से उनके छोटे भाई और राजद नेता तेजस्वी यादव चुनाव लड़ रहे हैं।
तेज प्रताप और तेजस्वी यादव के बीच चुनावी टक्कर
तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच यह चुनावी मुकाबला इसलिए भी खास बन गया है क्योंकि दोनों भाई एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के माध्यम से राजद के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे हैं। उनके लिए यह चुनाव एक तरह से अपने पिता लालू यादव और छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ व्यक्तिगत और राजनीतिक चुनौती का हिस्सा है। तेज प्रताप यादव अब तक अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर कई तीखे हमले कर चुके हैं और चुनावी प्रचार में भी उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंकी है।
तेज प्रताप यादव ने तेजस्वी को दी चुनौती
तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा कि "अभी वो बच्चा है, चुनाव के बाद उसे झुनझुना पकड़ाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि "अगर वो हमारे क्षेत्र में जाएंगे तो हम भी उनके क्षेत्र में जाकर प्रचार करेंगे। पहले हम महुआ जाएंगे, फिर राघोपुर जाएंगे।" तेज प्रताप यादव का यह बयान काफी चर्चित हुआ क्योंकि यह सीधे तौर पर उनके भाई तेजस्वी को चुनौती देने के साथ-साथ उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाता है। बता दें कि कुछ समय पहले ही लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को राजद पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था। इस निर्णय के बाद तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल का गठन किया और खुद महुआ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में कूद पड़े। अब वह राजद के खिलाफ पूरी ताकत से चुनाव प्रचार कर रहे हैं। तेज प्रताप यादव का यह कदम राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि बिहार में यादव परिवार की राजनीति में इस समय बड़ा हलचल मचा हुआ है।
तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच चुनावी संघर्ष, बिहार की राजनीति पर होगा गहरा असर
तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच का यह विवाद पार्टी और परिवार दोनों के लिए ही चुनौतीपूर्ण बन चुका है। हालांकि, दोनों भाई अलग-अलग पार्टियों से चुनावी मैदान में हैं, लेकिन बिहार की राजनीति में इस मुकाबले का असर व्यापक होगा, जो राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकता है। तेज प्रताप यादव की नई पार्टी जनशक्ति जनता दल और उनके संघर्ष को लेकर अब बिहार की जनता की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हैं, इस चुनावी मुकाबले में सबसे बड़ी बात यह है कि तेज प्रताप यादव अपनी राजनीति को लेकर बहुत ही आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं और राजद के खिलाफ अपनी नई पार्टी को मजबूती से स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, तेजस्वी यादव भी अपनी पार्टी और राजनीतिक विरासत को मजबूत करने के लिए पूरी ताकत से चुनावी मैदान में हैं। अब देखना यह होगा कि बिहार में यादव परिवार के बीच यह चुनावी मुकाबला किसकी जीत के साथ खत्म होता है और क्या तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी को बिहार की राजनीति में स्थापित करने में सफल हो पाते हैं।


