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EC ने राहुल गांधी को जमकर लगाई फटकार! CEC ने 'वोट चोरी' पर भी दिया करारा जवाब
EC reply to Rahul Gandhi: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' आरोपों को सिरे से खारिज किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो टूक कहा-यह संविधान का अपमान है।
EC reply to Rahul Gandhi: देश के सियासी गलियारों में इन दिनों चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। लगातार हो रहे हमलों के बीच रविवार को चुनाव आयोग ने खुद मोर्चा संभाला और एक-एक आरोप का जवाब दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने साफ कर दिया कि उनके लिए न कोई पक्ष है और न ही विपक्ष। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'संविधान का अपमान' बताया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी सीधा पलटवार किया।
जब CEC ने 'वोट चोरी' पर दिया जवाब
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कानून के अनुसार, अगर मतदाता सूची में कोई गलती है तो उसे समय पर साझा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिन के भीतर कोई चुनाव याचिका दायर नहीं की जाती, और फिर 'वोट चोरी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जाती है, तो यह भारत के संविधान का अपमान है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग के दरवाजे हर किसी के लिए हमेशा खुले हैं। उन्होंने बताया कि जमीन पर सभी मतदाता, राजनीतिक दल और बूथ लेवल अधिकारी मिलकर पारदर्शिता से काम कर रहे हैं। जब सब कुछ इतना पारदर्शी है, तो 'वोट चोरी' का आरोप लगाना सही है क्या? यह सवाल सीधा विपक्ष की ओर इशारा कर रहा था।
'बहू-बेटी के फुटेज क्यों जारी करें?'
मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया में सामने आई कुछ मतदाताओं की तस्वीरों पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चुनाव आयोग को किसी मतदाता, चाहे वह मां हो, बहू हो या बेटी हो, उनके सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने चाहिए? उन्होंने कहा कि यह मतदाताओं की निजता का उल्लंघन है, और चुनाव आयोग ऐसा कभी नहीं करेगा।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि लोकसभा चुनाव में एक करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी, 10 लाख से ज़्यादा बूथ-लेवल एजेंट और 20 लाख से ज़्यादा पोलिंग एजेंट काम करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने लोगों के सामने 'वोट चोरी' संभव है? उन्होंने डबल वोटिंग के आरोपों पर भी सवाल उठाए और कहा कि सबूत मांगने पर कोई जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने ऐसे आरोपों को निराधार बताया।
'भारत का वोटर ही वोट डालेगा'
ज्ञानेश कुमार ने साफ किया कि भारत के संविधान के अनुसार, सिर्फ भारतीय नागरिक ही विधायक या सांसद का चुनाव कर सकते हैं। किसी अन्य देश के नागरिक को यह अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ गैर-भारतीयों ने भी गणना फॉर्म भरे हैं, तो बिहार में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में उनकी नागरिकता की जांच की जाएगी। उन्होंने साफ कर दिया कि जांच में जो लोग भारतीय नागरिक नहीं पाए जाएंगे, उनका वोटर कार्ड नहीं बनेगा। इस पूरे घटनाक्रम से एक बात साफ है कि चुनाव आयोग अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर बेहद गंभीर है और उसने सभी को दो टूक जवाब दिया है। अब देखना यह है कि आयोग के इस स्पष्टीकरण के बाद विपक्ष का रुख क्या रहता है।


