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राहुल गांधी के बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- 'ये बेतुकी धमकी है'
Rahul Gandhi election commission: राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर भी आरोपों की झड़ी लगाई।
Rahul Gandhi on election commission: देश की राजनीति में इन दिनों एक बार फिर 'आरोप-प्रत्यारोप' का दौर गर्म है। लंबे समय से कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन इस बार राहुल गांधी ने जो कुछ कहा है, उसने देश की सियासत में एक नया 'तूफ़ान' खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' में शामिल होने का आरोप लगाया है, और सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि 'वोट चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा'। उनके इस बयान ने न सिर्फ़ राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, बल्कि चुनाव आयोग को भी पहली बार इस तरह के आरोपों पर खुलकर जवाब देने के लिए मजबूर कर दिया है। राहुल गांधी का दावा है कि उनके पास '100% प्रूफ' है और यह 'एटम बम' जैसा है। अब सवाल यह है कि आखिर इस 'आरोप-प्रत्यारोप' की जंग में सच्चाई क्या है?।
'वोट चोरी' का 'एटम बम' लेकर मैदान में राहुल गांधी
राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा कि, "इलेक्शन कमीशन वोट चोरी में शामिल है। मैं 100% प्रूफ के साथ बोल रहा हूं।" उन्होंने अपनी बात को साबित करने के लिए एक पूरी टाइमलाइन भी बताई। राहुल गांधी के अनुसार, उन्हें यह संदेह मध्य प्रदेश से शुरू हुआ, जो लोकसभा चुनाव के दौरान और भी बढ़ गया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी उन्हें राज्य स्तर पर वोट चोरी का संदेह हुआ, जहाँ एक करोड़ वोटर जुड़े थे। इस संदेह के बाद, उन्होंने अपनी पार्टी के स्तर पर एक 'इन्वेस्टिगेशन' करवाई, जिसमें उन्हें 6 महीने लगे। राहुल गांधी का दावा है कि इस जाँच में जो कुछ मिला है, वह 'एटम बम' जैसा है। उनके मुताबिक, यह 'वोट चोरी' का एक बड़ा खेल है, जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है।
चुनाव आयोग का 'सख्त' पलटवार
राहुल गांधी के इन सनसनीखेज़ आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी तुरंत और सख्त जवाब दिया है। आयोग ने कहा कि, "हमने उन्हें (राहुल गांधी) 12 जून 2025 को एक मेल भेजा, मगर वह नहीं आए। इसके बाद 12 जून को फिर एक पत्र भेजा, लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।" चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने कभी भी किसी भी मुद्दे पर आयोग को कोई पत्र नहीं भेजा, जिससे उनके आरोपों की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं। आयोग ने राहुल गांधी के बयानों को 'बेतुका' करार दिया और उनके द्वारा दी गई धमकियों को 'निंदनीय' बताया। आयोग ने साफ कहा कि वह ऐसे 'गैर-ज़िम्मेदाराना' बयानों को नज़रअंदाज़ करता है और अपने सभी कर्मचारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करते रहने का अनुरोध करता है।
'X' पर कांग्रेस का 'वीडियो बम', बिहार में भी 'वोट चोरी' का आरोप
सिर्फ़ राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो शेयर कर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। इस वीडियो में बिहार में 'वोट चोरी' का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने लिखा है कि, "चुनाव आयोग बिहार में वोट चोरी करने पर तुला है।" वीडियो में दिख रहे लोग यह कह रहे हैं कि उन्हें एसआईआर के नाम पर की गई जाँच में कोई रिसीविंग नहीं दी गई, जिससे उन्हें डर है कि कहीं उनका नाम वोटर लिस्ट से काट न दिया जाए। कांग्रेस का दावा है कि जनता इस 'वोट चोरी' के खेल को अब समझ गई है, जिसमें चुनाव आयोग बीजेपी-जेडीयू का पूरा साथ दे रहा है।
आरोपों और सफ़ाई की इस जंग में जनता के सामने क्या?
एक तरफ़, देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी का दावा है कि चुनाव आयोग एक बड़े 'वोट चोरी' के खेल में शामिल है और उनके पास इसके पुख्ता सबूत हैं। दूसरी तरफ़, चुनाव आयोग खुद को इन आरोपों से बचाते हुए कह रहा है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और एक तरह की धमकी हैं। इस पूरे विवाद ने देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग जैसी संस्था की विश्वसनीयता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी अपने 'एटम बम' जैसे सबूत कब सामने लाते हैं और इस पर चुनाव आयोग का अगला कदम क्या होता है।


