3 दिवसीय दौर पर चीन जायेंगे विदेश मंत्री जयशंकर, गलवान संघर्ष के बाद होगा पहला दौरा

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अगले सप्ताह तियानजिन में होने वाली शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में भाग लेंगे। यह चीन की उनकी पहली यात्रा होगी जो पूर्वी लद्दाख में 2020 की झड़प के बाद हो रही है। बैठक में द्विपक्षीय वार्ता की भी संभावना है।

Shivam Shrivastava
Published on: 13 July 2025 7:25 AM IST
3 दिवसीय दौर पर चीन जायेंगे विदेश मंत्री जयशंकर, गलवान संघर्ष के बाद होगा पहला दौरा
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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर अगले सप्ताह चीन के तियानजिन शहर में आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। इस बात की पुष्टि चीन के विदेश मंत्रालय ने की। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत-चीन संबंधों में पूर्वी लद्दाख में जून 2020 की सैन्य झड़प के बाद से तनाव बना हुआ है। यह जयशंकर की चीन की पहली यात्रा होगी जब से यह विवाद हुआ था।

SCO की यह विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक 15 जुलाई को तियानजिन में आयोजित की जाएगी। चीन के विदेश मंत्री वांग यी इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें सदस्य देशों के विदेश मंत्री और संगठन के प्रमुख निकायों के अधिकारी शामिल होंगे। चर्चा का मुख्य केंद्र एससीओ के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और प्रमुख वैश्विक एवं क्षेत्रीय मसलों पर विचार-विमर्श रहेगा।

SCO के सदस्य देश

शंघाई सहयोग संगठन में कुल 10 देश सदस्य हैं। जिसमें भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं।

भारत-चीन के बीच हो सकती है संभावित द्विपक्षीय वार्ता

सूत्रों के अनुसार, डॉ. जयशंकर 13 जुलाई को चीन पहुंच सकते हैं और उनकी चीनी समकक्ष वांग यी से द्विपक्षीय बातचीत होने की संभावना है। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव जारी है। बातचीत में एलएसी पर स्थिति सामान्य करने और चीन द्वारा महत्वपूर्ण खनिजों के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध, व्यापारिक सहयोग, रणनीतिक रिश्तों और सीमा समाधान से जुड़े तंत्र को फिर से सक्रिय करने जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है।

राजनाथ सिंह और NSA डोभाल भी गये थे चीन

इससे पहले जून में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी चीन का दौरा किया था और चिंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी चीन की यात्रा कर चुके हैं। इन बैठकों में भारत ने जटिल मुद्दों के समाधान के लिए ठोस योजना की मांग की थी। जिसमें सीमा तनाव में कमी और सीमांकन प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की बात कही गई थी।

वांग यी की भारत यात्रा की संभावना

इसी बीच, यह संकेत भी मिल रहे हैं कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी इस महीने भारत आ सकते हैं। जहां वे विशेष प्रतिनिधियों की सीमा वार्ता के तहत अजीत डोभाल से मिल सकते हैं। अब तक दोनों देशों के बीच इस स्तर पर 23 दौर की वार्ता हो चुकी है। लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है। वर्तमान में चीन SCO का अध्यक्ष है और इसी भूमिका में वह संगठन की प्रमुख बैठकों की मेजबानी कर रहा है।

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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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