TRENDING TAGS :
सावन का पहला दिन: कांवड़ यात्रा शुरू, हिंदू संतों ने मुस्लिमों पर प्रतिबंध की उठाई मांग, जानें पूरा विवाद
Kanwar Yatra 2025: सावन का महीना शुरू, कांवड़ यात्रा शुरू। हरिद्वार से लाखों कांवड़िए गंगाजल लेने आ रहे हैं। जानिए कांवड़ यात्रा से जुड़े विवाद, सुरक्षा इंतजाम और दुकानों पर कार्रवाई के बारे में।
First day of Sawan Kanwar Yatra begins Hindu saints demand ban on Muslims know the whole controversy
Kanwar Yatra 2025: सावन का पवित्र महीना आज, शुक्रवार से शुरू हो गया है। देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा और अर्चना का सिलसिला शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में माना जाता है कि इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इसी वजह से सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। इसके साथ ही, आज से कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है, जो 9 अगस्त तक चलेगी। इस 28 दिन की यात्रा में हरिद्वार से करीब 4.5 करोड़ कांवड़ियों के आने की संभावना है।
गंगा घाटों पर कांवड़ियों की भारी भीड़
सावन के पहले दिन से ही हजारों शिव भक्त कांवड़ उठाए गंगाजल लेने के लिए निकल पड़े हैं। इनकी मंजिल शिव मंदिर है, जहां वे जल चढ़ाकर अपनी पूजा पूरी करेंगे। हरिद्वार में हर की पौड़ी और गंगा के अन्य घाटों पर कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। इस यात्रा के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में खास इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, सुरक्षाकर्मी हर जगह तैनात हैं और CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। खाने-पीने की दुकानों की जांच की जा रही है और फूड एंड सेफ्टी विभाग सैंपल भी ले रहा है। कांवड़ मार्ग पर नॉन-वेज दुकानें बंद कर दी गई हैं ताकि यात्रा की पवित्रता बनी रहे।
कांवड़ रूट पर मीट की दुकानों पर कार्रवाई
गाजियाबाद में कांवड़ रूट पर मीट की दुकानें खुले देखकर स्थानीय बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस को फटकारते हुए कहा, "कांवड़ शुरू हो चुका है और सावन भी लग चुका है, ऐसे में कांवड़ मार्ग पर मीट-मुर्गे की दुकानों का लाइसेंस अब मान्य नहीं है। आप कार्रवाई करें, वरना लोग खुद कानून हाथ में लेंगे।" विधायक ने पुलिस को चौकी इंचार्ज से जवाब मांगने और दुकानों को बंद करने का आदेश दिया।
हिंदू दुकानों पर पोस्टर लगे
उत्तर प्रदेश के मुरादनगर में कांवड़ रूट पर हिंदू दुकानों पर पोस्टर लगाए गए हैं। गंगनगर और आसपास के इलाकों में हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता तैनात हैं। उनका आरोप है कि कांवड़ यात्रा करने वाली महिलाओं के साथ दूसरे धर्म के लोग छेड़छाड़ करते हैं। हिंदू रक्षा दल के गौरव सिसोदिया ने कहा, "हम कांवड़ियों की सुरक्षा और यात्रा की पवित्रता बनाए रखने के लिए तैनात हैं।"
कांवड़ निर्माण को लेकर विवाद
हरिद्वार में कांवड़ निर्माण को लेकर विवाद भी उठा है। कुछ संतों और महामंडलेश्वर ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मांग की है कि मुसलमानों को हरिद्वार में कांवड़ बनाने की अनुमति न दी जाए। उनका कहना है कि यह काम केवल हिंदुओं को ही करना चाहिए। इस पर, हरिद्वार के इंदिरा नगर कॉलोनी में कांवड़ बनाने वाले मुस्लिम कारीगरों ने कहा कि वे पीढ़ियों से यह काम करते आ रहे हैं और करीब 50 मुस्लिम परिवार इस काम में लगे हैं। उत्तराखंड सरकार ने इस मामले में अभी तक कोई रोक नहीं लगाई है।
पिछले साल 4 करोड़ कांवड़ियों ने की थी यात्रा
दिल्ली पुलिस ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें। एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा, "हमने कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। कृपया निर्धारित मार्गों का पालन करें।" सावन के महीने में 23 जुलाई को सावन की शिवरात्रि मनाई जाएगी, इसके बाद भी 9 अगस्त तक श्रद्धालु गंगाजल चढ़ाते रहेंगे। पिछले साल करीब 4 करोड़ कांवड़ियों ने इस यात्रा में हिस्सा लिया था, और इस साल यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। इसी वजह से प्रशासन ने पहले से ज्यादा पुख्ता तैयारियां की हैं।


