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निजी अस्पताल में केजीएमयू के डॉक्टर ने किया था इलाज, हुई थी मौत अबतक कोई कार्रवाई नही
लखनऊ में KGMU के डॉक्टर पर निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत का आरोप, चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी अबतक कोई कार्रवाई नहीं। फर्जी दस्तखत मामले पर भी प्रशासन चुप, आज कार्यपरिषद की बैठक में उठ सकता है मुद्दा।
KGMU
Lucknow News: केजीएमयू में निजी प्रैक्टिस के आरोपी विभागाध्यक्ष पर इस समय केजीएमयू प्रशासन मेहरबान है। निजी अस्पताल में मरीज के इलाज के दौरान मौत के बाद लगे आरोपों के बाद अबतक अस्पताल प्रशासन डॉक्टर पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं शुरू की है। जबकि, मामले में चार्ज शीट दाखिल होने के करीब एक साल बाद भी केजीएमयू प्रशासन अभी लीपापोती में जुटा हुआ है। वहीं स्टॉक रजिस्टर में फर्जी दस्तखत बनाने के आरोपी वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टर भी आजाद हैं।
बालागंज के हेल्थ प्वांइट हॉस्पिटल में वर्ष 2023 में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने केजीएमयू के डॉक्टर पर निजी अस्पताल में इलाज में कोताही का आरोप लगाया। इस संबंध में केजीएमयू प्रशासन से शिकायत की। बाकायदा सुबूत भी पेश किया। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने शिकायत की जांच के कमेटी गठित की थी। कमेटी ने प्राइवेट प्रैक्टिस की जांच शुरू की। जांच के बाद केजीएमयू कार्यपरिषद ने आरोपी विभागाध्यक्ष को चार्ज शीट सौपने के निर्देश दिए थे। करीब एक साल बीत गए। अभी तक आरोपी डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
-फर्ज़ी दस्तखत के भी आरोप
वैस्कुलर सर्जरी विभाग के एक डॉक्टर पर स्टॉक से जुड़े कागजातों पर फर्जी दस्तखत करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की। कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें स्टॉक रजिस्टर पर फर्जी दस्तखत, अवकाश पर जाने से पहले सीनियर डॉक्टर को चार्ज न देने के आरोप लगे हैं। मैनेटेंनेंस और अहम स्टॉक रजिस्टर में पूरी जानकारी न देने के भी आरोप हैं। जांच के बाद भी अभी तक आरोपी डॉक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
-आज होगी कार्यपरिषद की बैठक
केजीएमयू की 57 वीं कार्यपरिषद की बैठक शुक्रवार को होगी। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें डॉक्टरों पर कार्रवाई, नर्सिंग की सेवा नियमावली समेत अन्य मसलों पर चर्चा होगी।


