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13 साल बाद राज ठाकरे पहुंचे मातोश्री, कभी दुश्मन कहे जाने वाले भाई से जन्मदिन पर की मुलाकात, क्या मुंबई में मिलकर करेंगे राज
Maharashtra Politics: 13 साल बाद राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर मातोश्री पर की मुलाकात। महाराष्ट्र की सियासत में मची हलचल
Raj Thackeray and Uddhav Thackeray
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। कभी राज और उद्धव ठाकरे के मिलन की खबरें आ रही हैं, तो कभी उद्धव के भाजपा के साथ नजदीकी की बात हो रही है। हालांकि, इन सभी अफवाहों के बावजूद, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे 13 साल बाद अचानक उद्धव ठाकरे के घर, मातोश्री पहुंचे। वह शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को उनके 65वें जन्मदिन पर बधाई देने के लिए पहुंचे थे।
उद्धव को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
इससे पहले, राज ठाकरे अपने चाचा बाला साहेब ठाकरे के निधन पर मातोश्री गए थे। उसके बाद, दोनों भाई एक मराठी सम्मेलन में एक साथ मंच पर आए थे। अब फिर से राज ठाकरे का मातोश्री आना राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनने का संकेत दे रहा है। उद्धव ठाकरे के जन्मदिन के मौके पर शिवसैनिकों की भीड़ मातोश्री के बाहर जमा हो गई थी। रविवार को राज ठाकरे ने उद्धव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और इस मुलाकात से राज्य की राजनीति में नई दिशा दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज ठाकरे लगभग 13 साल बाद मातोश्री पहुंचे हैं। शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद राज ठाकरे पहली बार मातोश्री आए हैं। आज, उद्धव ठाकरे के 65वें जन्मदिन के मौके पर वह मातोश्री पहुंचे। राज ठाकरे के साथ मनसे के नेता बाला नंदगांवकर, अविनाश अभ्यंकर, नितिन सरदेसाई और अन्य भी उनके साथ थे। इस दौरान शिवसेना के नेता संजय राउत, अंबादास दानवे, भास्कर जाधव, वैभव नाइक और कई अन्य भी मौजूद थे।
मातोश्री में राज ठाकरे की मुलाकात और राजनीतिक गठबंधन की चर्चा
राज ठाकरे करीब 13 साल बाद मातोश्री पहुंचे, जहां शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। राज ठाकरे के स्वागत के लिए मातोश्री के पास एक मंच तैयार किया गया था। जैसे ही राज ठाकरे पहुंचे, उद्धव ने उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और शिवसैनिकों ने खुशी से नारे लगाए। इसके बाद उद्धव ने राज को अपने घर बुलाया और दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई।
क्या यह मुलाकात सिर्फ़ निजी अभिवादन तक सीमित थी, या फिर राजनीतिक गठबंधन की शुरुआत हो सकती है? यह सवाल अब राजनीतिक गलियारों में उठने लगे हैं। खासकर मुंबई महानगरपालिका और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कई लोग मान रहे हैं कि ठाकरे बंधु एक साथ आ सकते हैं। हालांकि, उद्धव और राज ने फिलहाल गठबंधन की घोषणा नहीं की है। राज ठाकरे ने कहा कि वह सही समय पर इस बारे में फैसला लेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शिवसेना ठाकरे गुट और मनसे के बीच गठबंधन के बीज वाकई बोए जा रहे हैं!

