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'भारतीय तालिबान' है RSS! कांग्रेस नेता हरिप्रसाद का PM और संघ पर सबसे बड़ा हमला!
BK Hariprasad on RSS: कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने RSS को ‘भारतीय तालिबान’ करार देकर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में RSS की तारीफ के बाद यह विवाद और गरमा गया है।
BK Hariprasad on RSS: 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नया भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की जमकर तारीफ की थी, जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद ने RSS को 'भारतीय तालिबान' करार दिया है। हरिप्रसाद का यह बयान कांग्रेस और बीजेपी के बीच एक नए और बड़े टकराव की शुरुआत है।
'भारतीय तालिबान' पर क्यों भड़के कांग्रेस नेता?
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में बीके हरिप्रसाद ने कहा, "आरएसएस देश में शांति भंग करने की कोशिश कर रहा है। मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि RSS भारतीय तालिबान है और प्रधानमंत्री लाल किले से उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।" उनके इस बयान ने बीजेपी को गुस्से में ला दिया है। हरिप्रसाद ने RSS की वित्तीय पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "क्या आजादी की लड़ाई में कोई संघी शामिल हुआ था? यह शर्म की बात है कि RSS एक रजिस्टर्ड संगठन नहीं है।" उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी NGO को काम करने के लिए संविधान के अनुसार रजिस्ट्रेशन कराना होता है, लेकिन RSS की फंडिंग का कोई हिसाब नहीं है।
इतिहास को लेकर भी तीखे आरोप
कांग्रेस नेता ने बीजेपी और RSS पर इतिहास को "तोड़-मरोड़कर पेश करने" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाजन का पहला प्रस्ताव बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ए.के. फजलुल हक ने रखा था और जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी इसके पक्ष में थे। हरिप्रसाद ने कहा कि बीजेपी और RSS कांग्रेस को दोषी ठहराने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तव में जिन्ना और सावरकर अलग देश की मांग के पक्ष में थे।
पीएम मोदी ने क्या कहा था?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में RSS की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा था कि RSS "दुनिया का सबसे बड़ा NGO" है और इस संगठन ने राष्ट्र निर्माण में एक सदी से अधिक का योगदान दिया है। पीएम मोदी ने लाखों स्वयंसेवकों की "मां भारती के कल्याण के लिए आजीवन समर्पण" की सराहना की थी। बीके हरिप्रसाद के इस बयान ने अब दोनों पार्टियों के बीच की खाई को और गहरा कर दिया है। आने वाले समय में यह मुद्दा और भी गरमा सकता है।


