Balrampur News: बलरामपुर में यूरिया खाद संकट बरकरार, खाद के लिए लाइन में खड़े बुजुर्ग की गिरकर मौत

Balrampur News: मृतक की पहचान सफीउर्रहमान उर्फ बड़कऊ उम्र (70) पुत्र लल्लन निवासी श्रीदत्तगंज के रूप में हुई। ग्रामीणों एवं परिजनों के अनुसार वह पिछले एक सप्ताह से खाद के लिए दौड़-भाग कर रहे थे।

Sushil Mishra
Published on: 8 Aug 2025 9:14 PM IST
Balrampur News: बलरामपुर में यूरिया खाद संकट बरकरार, खाद के लिए लाइन में खड़े बुजुर्ग की गिरकर मौत
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बलरामपुर में यूरिया खाद संकट बरकरार   (PHOTO: SOCIAL MEDIA )    

Balrampur News: यूपी के बलरामपुर जनपद के तीन प्रमुख क्षेत्रों में यूरिया खाद का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में खाद की किल्लत के बीच शुक्रवार एक बुजुर्ग की लाइन में खड़े-खड़े गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान सफीउर्रहमान उर्फ बड़कऊ उम्र (70) पुत्र लल्लन निवासी श्रीदत्तगंज के रूप में हुई। ग्रामीणों एवं परिजनों के अनुसार वह पिछले एक सप्ताह से खाद के लिए दौड़-भाग कर रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे बिना कुछ खाए-पिए घर से निकले और श्रीदत्तगंज बाजार स्थित एग्रीकल्चर जंक्शन की दुकान पर खाद लेने के लिए लाइन में खड़े थे।इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और चक्कर आकर गिर जिससे उसकी मौके पर ही गिरने से मौत हो गई ।

मृतक के पुत्र सिकंदर ने बताया कि लगातार किल्लत के चलते उन्हें कई बार खाली हाथ लौटना पड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में खाद की कमी से किसानों में आक्रोश है लेकिन आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। वही सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रभारी जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र खरवार ने बताया है कि अभी पूरे मामले की जानकारी नहीं है। किसी ने शिकायत भी नहीं की है। पता किया जा रहा है।जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके हिसाब से विधिक कार्रवाई होगी।

एक-एक बोरी यूरिया के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे

बता दें कि आजकल धान की फसल के लिए किसान एक-एक बोरी यूरिया के लिए सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें खाद मिल नहीं पा रहा है। जिले के तराई क्षेत्र, गैड़ास बुजुर्ग और ललिया में हालात इतने बिगड़ गए कि किसानों ने पिछले दिनों प्रदर्शन तक किया। आरोप है कि जहां आम किसान सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, वहीं चहेतों को रात में गोदाम खोलकर खाद दी जा रही है।

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