Balrampur News: बलरामपुर में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा, महक हॉस्पिटल सील, अवैध तरीके से हो रहा था संचालन

Balrampur News: बलरामपुर में बिना लाइसेंस अस्पताल चला रहे झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। महक हॉस्पिटल को सील कर मुकदमा दर्ज किया गया।

Pawan Tiwari
Published on: 24 Aug 2025 12:31 PM IST
Balrampur News: बलरामपुर में झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा, महक हॉस्पिटल सील, अवैध तरीके से हो रहा था संचालन
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Balrampur News: बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से खिलवाड़ करने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नंदनगर खजुरिया के अधीक्षक डॉ. जावेद अख्तर ने थाना गौरा चौराहा में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामला 20 अगस्त की रात का है, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक निजी अस्पताल पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के बाद थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, अवधेश पाठक पुत्र रमेश चंद्र, निवासी ग्राम पथरा, जनपद सिद्धार्थनगर, लंबे समय से गौरा थाना क्षेत्र में "महक हॉस्पिटल" नाम से एक अस्पताल का अवैध संचालन कर रहा था। बिना पंजीकरण और लाइसेंस के इस अस्पताल में न केवल सामान्य इलाज, बल्कि प्रसव और सीजेरियन जैसी गंभीर चिकित्सीय सेवाएं भी दी जा रही थीं।20 अगस्त की रात लगभग 8:30 बजे स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव (नोडल अधिकारी), डॉ. जावेद अख्तर (अधीक्षक), डॉ. महेश कुमार, डॉ. ओमनाथ राव, और वरिष्ठ सहायक हरियानंद मौजूद रहे।

टीम को अस्पताल में प्रसव कक्ष और सीजेरियन कक्ष तो मिले, लेकिन वे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसके अलावा वहां एलोपैथिक दवाएं और बेहोशी की दवाएं भी पाई गईं, जिन्हें बिना अनुमति के संग्रहित किया गया था।मौके पर मौजूद संचालक अवधेश पाठक किसी भी प्रकार का अभिलेख, पंजीकरण या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने बताया कि वहां समय-समय पर दो डॉक्टर आकर इलाज करते हैं, लेकिन वह उनके नाम और पहचान संबंधी जानकारी देने से बचता रहा।

भौतिक सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया। अधीक्षक डॉ. जावेद अख्तर ने थाना प्रभारी, गौरा चौराहा को पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई जिले में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों और फर्जी अस्पतालों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में अब और भी सख्ती बरती जाएगी, ताकि आम लोगों की जान से खिलवाड़ न हो सके।

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