Political News: अखिलेश पर बेसिक शिक्षा मंत्री का तीखा हमला: बोले- जब से बीजेपी आई तभी पढ़ाई में जान आई

संदीप सिंह ने बताया कि हर जिले में दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय की लागत 30 करोड़ है।

Virat Sharma
Published on: 8 Aug 2025 7:18 PM IST
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Lucknow News: Photo-Social Media 

UP Politics: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था तुष्टिकरण, भाई-भतीजावाद, नकल माफिया और लापरवाहियों की शिकार थी, जबकि भाजपा सरकार ने पारदर्शिता, निवेश और सोच के साथ इसे बदलने का कार्य किया है। उन्होंने 2015 के अखबार की कटिंग दिखाते हुए सपा मुखिया को आईना दिखाया और कहा कि सपा के राज में 3.45 करोड़ बच्चे स्कूल से दूर थे। संदीप सिंह ने कहा कि "जब से भाजपा आई तभी पढ़ाई में जान आई है।

सपा काल में शिक्षा का हुआ था अवसान

संदीप सिंह ने सपा मुखिया को घेरते हुए कहा कि 2012 से 2017 के बीच अखिलेश सरकार में एक भी ऐसा मॉडल स्कूल नहीं बना, जिसे राज्य गौरव से दिखा सके। उन्होंने कहा कि सपा ने सिर्फ शिक्षा ही नहीं, संस्कृति का भी अपमान किया। वहीं, भाजपा सरकार ने 2017 के बाद शिक्षा सुधार प्रयासों पर निरंतर काम किया। 11,500 करोड़ से अधिक की लागत से ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत 19 बुनियादी सुविधाएं परिषदीय विद्यालयों में पहुंचाई गईं, जिनमें पेयजल, टॉयलेट, ब्लैकबोर्ड, फर्नीचर, बिजली, और क्लासरूम का सुदृढ़ीकरण शामिल है। संदीप सिंह ने कहा कि सपा सरकार के समय जहां बच्चों की संख्या घट रही थी, वहीं भाजपा सरकार ने इस प्रवृत्ति को रोका और इस वर्ष के स्कूल चलो अभियान में 27 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में हुआ।

मॉडल कम्पोजिट और आवासीय विद्यालयों का निर्माण

संदीप सिंह ने बताया कि हर जिले में दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय की लागत 30 करोड़ है। इनमें नई एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप केजी से 12वीं तक की आधुनिक शिक्षा व्यवस्था होगी। इसी प्रकार, सभी 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय प्रारंभ हो चुके हैं, जिनमें 18,000 से अधिक श्रमिक एवं अनाथ बच्चों को मुफ्त आवासीय शिक्षा, भोजन, खेलकूद व कौशल विकास की सुविधा दी जा रही है। यही नहीं, यूपी के 1,722 स्कूलों (1565 परिषदीय, 157 माध्यमिक) को पीएमश्री स्कूल्स के अंतर्गत स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, खेल सामग्री और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से लैस किया जा रहा है। वहीं 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ICT लैब, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, टॉयलेट ब्लॉक और डॉर्मेट्री की व्यवस्था की गई है।

असर रिपोर्ट और परख सर्वे ने दी मान्यता

बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से शिक्षा के स्तर में जो सुधार आया है, उसका गुणगान हम ही नहीं कर रहे, बल्कि असर 2024 और ‘परख’ राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 दोनों ने यूपी के शिक्षा क्षेत्र में सुधार को मान्यता दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कक्षा 3 के छात्रों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति और संसाधनों की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।

संदीप सिंह ने कहा कि 2017 से पहले जो शिक्षा की स्थिति थी और 2017 के बाद जो स्थिति है उसमें जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सपा राज में तुष्टीकरण, तानाशाही, नकल माफिया, शिक्षा की बर्बादी थी। वहीं, भाजपा राज में संतुष्टीकरण, निवेश, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है। आज प्रदेश के बच्चे गर्व से स्कूल जा रहे हैं, स्मार्ट क्लास में पढ़ रहे हैं, बिना नकल परीक्षा दे रहे हैं और भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। यही भाजपा सरकार का पराक्रम है।

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Virat Sharma is a former Reporter at Newstrack.com.

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