Basti News: नियमों को दरकिनार कर की गई आशा बहू की नियुक्ति, जिलाधिकारी ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश

Basti News: मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

Amril Lal
Published on: 19 July 2025 7:00 PM IST
Basti News: नियमों को दरकिनार कर की गई आशा बहू की नियुक्ति, जिलाधिकारी ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
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नियमों को दरकिनार कर की गई आशा बहू की नियुक्ति, जिलाधिकारी ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश  (photo: social media )

Basti News: जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें ग्राम पंचायत गयाजीतपुर में पहले से नियुक्त आशा बहू के होते हुए भी नियमों को ताक पर रखकर दूसरी महिला को आशा बहू नियुक्त कर दिया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

बिना खुली बैठक के की गई नियुक्ति

मामला गौर ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत गयाजीतपुर का है। यहां वर्ष 2006 से जनतीरा देवी पत्नी राकेश कुमार बतौर आशा बहू नियुक्त थीं और ग्रामवासियों के अनुसार वे अपने कार्यों को निष्ठा से निभा रही थीं।

लेकिन हाल ही में रेणु देवी, जो कि बगल के गांव की निवासी हैं, को स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों से सांठगांठ कर आशा बहू नियुक्त करवा दिया गया — वो भी बिना किसी ग्रामसभा बैठक, पंचायत की सहमति या नियमानुसार प्रक्रिया के।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर गंभीर आरोप

इस फर्जी नियुक्ति में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रामजी जायसवाल (बीसीपीएम) की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जनतीरा देवी की शिकायत पर जब जांच शुरू हुई, तब यह खुलासा हुआ कि न तो कोई बैठक हुई, न ही ग्राम पंचायत को जानकारी दी गई और न ही प्रक्रिया का पालन हुआ।

जिलाधिकारी का हस्तक्षेप, कार्रवाई शुरू

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से रामजी जायसवाल को उनके पद से हटाकर जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया है। साथ ही, रेणु देवी की नियुक्ति भी निरस्त कर दी गई है।

पूर्व आशा बहू का बयान

जनतीरा देवी ने बताया कि आशा बहुओं की नियुक्ति ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में खुली बैठक के माध्यम से होती है। ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी की भी नियुक्ति नियमों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि विभागीय मिलीभगत से यह नियुक्ति कराई गई थी।

जिलाधिकारी का बयान

डीएम रवीश गुप्ता ने बताया, "हमें शिकायत प्राप्त हुई है और इसकी जांच कराई जा रही है। जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।"

सबसे बड़ा सवाल कि ऐसे फर्जी वाड़ा कर कर्मचारियों द्वारा नियुक्ति कर दी जाती है , ऐसे कर्मचारियों की कब तक जांच होगी और कब कार्यवाही होगा। यह अपने में सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

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