Chandauli News: वनांचल में विकास की हुंकार, कोल समुदाय को आदिवासी दर्जे की मांग सहित कई मुद्दों पर जन संवाद

Chandauli News: बैठक में कोल जाति को पूरे प्रदेश में आदिवासी का दर्जा दिलाने की मांग प्रमुखता से उठी, साथ ही वन विभाग की खाली ज़मीनों को गरीब ग्रामीणों को कृषि और वानिकी के लिए पट्टे पर देने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Sunil Kumar
Published on: 11 July 2025 5:51 PM IST
Chandauli News: वनांचल में विकास की हुंकार, कोल समुदाय को आदिवासी दर्जे की मांग सहित कई मुद्दों पर जन संवाद
X

वनांचल में विकास की हुंकार  (photo: social media )

Chandauli News: उत्तर प्रदेश – शांत वनांचल नौगढ़ अब अपने जन मुद्दों की आवाज़ से गूंजने को तैयार है। मझगावां में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर संवाद अभियान चलाने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उठाना और उनके समाधान के लिए सरकार तक अपनी आवाज़ पहुँचाना है। बैठक में कोल जाति को पूरे प्रदेश में आदिवासी का दर्जा दिलाने की मांग प्रमुखता से उठी, साथ ही वन विभाग की खाली ज़मीनों को गरीब ग्रामीणों को कृषि और वानिकी के लिए पट्टे पर देने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

जनजाति दर्जे की मांग और सामाजिक अधिकार:

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि कोल समुदाय को पूरे प्रदेश में आदिवासी का दर्जा मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, चंदौली जनपद की खरवार और चेरो जैसी अन्य जनजातियों को भी आदिवासी सूची में शामिल करने की मांग उठाई गई। इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए जल्द ही इन समाजों के जन प्रतिनिधियों और प्रमुख लोगों की एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी।

भूमि अधिकार, रोज़गार और आर्थिक विकास पर ज़ोर:

ग्रामीणों ने नौगढ़ में वन विभाग की खाली पड़ी ज़मीनों को कृषि और वानिकी के लिए गरीब परिवारों को पट्टे पर देने की पुरज़ोर मांग की। उनका कहना है कि इससे न केवल उनकी आजीविका सुनिश्चित होगी बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी बढ़ेगी। इसके साथ ही, बेदखली पर रोक लगाने और वनाधिकार कानून को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। रोज़गार के मुद्दे पर, मनरेगा के तहत काम के दिनों को बढ़ाकर 200 और मज़दूरी को 400 रुपये करने की मांग की गई, साथ ही बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान करने की बात कही गई।

आर्थिक विकास के लिए लघु और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों और नौजवानों को ब्याज मुक्त 10 लाख रुपये का अनुदान देने की मांग उठी, ताकि वे अपने उद्यम स्थापित कर सकें। नौगढ़ में टमाटर और मिर्च की चटनी जैसे स्थानीय उत्पादों पर आधारित उद्योग लगाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

दमन का विरोध और न्याय की गुहार:

बैठक में हाल ही में नौगढ़ में पुलिस द्वारा की गई कुछ कार्रवाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। आदिवासियों के सम्मानित नेता और पूर्व प्रधान चंद्रिका कोल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने अनावश्यक रूप से उन्हें जेल भेजा, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करना था। उन्होंने मांग की कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों का उत्पीड़न बंद किया जाए और यदि आवश्यक हो तो इस मामले को उच्च न्यायालय तक ले जाया जाएगा।

आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट (एआईपीएफ) के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नौगढ़ से पूंजी का पलायन चिंताजनक है और इसे रोकना जरूरी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण की वर्तमान प्रक्रिया को भ्रष्टाचार का शिकार बताया और खाली ज़मीनों को ग्रामीणों को देने का सुझाव दिया। एआईपीएफ के जिला संयोजक अखिलेश दुबे ने जन राजनीति को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में कई लोगों ने एआईपीएफ की सदस्यता भी ग्रहण की, जो इस संवाद अभियान के प्रति उनके समर्थन को दर्शाता है। इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व प्रधान नंदू राम सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अब देखना यह है कि वनांचल के लोगों की यह आवाज़ सरकार तक कितनी जल्दी पहुँचती है और उनकी मांगों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

1 / 6
Your Score0/ 6
Sunil Kumar
ABOUT THE AUTHOR

Sunil Kumar

Next Story