Etah News: सिंघाड़े के खेतों में दिखे दो मगरमच्छ, किसानों में दहशत, रेस्क्यू न होने पर किसानों ने स्वयं मोर्चा सम्हाला

Etah News: ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।

Sunil Mishra
Published on: 24 July 2025 5:46 PM IST
Etah News: सिंघाड़े के खेतों में दिखे दो मगरमच्छ, किसानों में दहशत, रेस्क्यू न होने पर किसानों ने स्वयं मोर्चा सम्हाला
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सिंघाड़े के खेतों में दिखे दो मगरमच्छ, किसानों में दहशत  (photo: social media )

Etah News: जनपद एटा के जलेसर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खेड़िया सुरजी गांव में सिंघाड़े की खेती करने वाले किसान भयभीत हैं। गांव के सिंघाड़े के खेतों में दो मगरमच्छों के देखे जाने से दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे।

पहली बार मंगलवार को दिखाई दिया मगरमच्छ

मंगलवार सुबह खेड़िया सुरजी गांव के समीप सिंघाड़े के खेत में काम कर रहे मजदूरों को एक मगरमच्छ दिखाई दिया जिसकी लंबाई करीब 7 फीट बताई जा रही है। मजदूरों के शोर मचाने पर वह मगरमच्छ खेत से होकर नूह रजवाहे में चला गया।

शाम को दिखा दूसरा मगरमच्छ

ग्रामीणों के अनुसार, शाम के समय उसी क्षेत्र में एक और मगरमच्छ दिखाई दिया, जिसे ग्रामीणों ने लाठियों की मदद से खेत से भगाया। इसके बाद बुधवार दोपहर को गांव मीसाखुर्द के पास पुल के नीचे एक करीब 12 फीट लंबा मगरमच्छ भी देखा गया।

किसान खेतों में जाने से कतरा रहे

लगातार मगरमच्छों के दिखने से किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। सिंघाड़े की फसल की देखभाल नहीं हो पा रही है, न ही कोई दवा का छिड़काव हो रहा है। खेतों में पानी भरा होने के कारण मगरमच्छों के छिपे होने का खतरा बना रहता है।

प्रशासन को सूचना, 24 घंटे बाद भी नहीं पहुंची टीम

उदयवीर सिंह, तुरसनपाल सिंह, प्रमोद सिंह, यशवंत सिंह सहित कई किसानों ने बताया कि घटना की सूचना जिलाधिकारी, तहसील प्रशासन और कोतवाली पुलिस को दी गई है। लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची है।

डीएफओ ने ग्रामीणों पर लगाया सहयोग न करने का आरोप

इस संबंध में डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) सुन्दरेशा ने बताया कि, “जिन इलाकों में मगरमच्छ देखे गए हैं, वहां के लोग वन विभाग का सहयोग नहीं कर रहे। बाढ़ के पानी में बहकर मगरमच्छ मैदानी क्षेत्रों में आ जाते हैं। जब ये बाहर निकलते हैं, तो ग्रामीण शोर मचा देते हैं, जिससे वे फिर पानी में छिप जाते हैं और पकड़ना मुश्किल हो जाता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि जलेसर क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात है और लगातार प्रयास जारी हैं।

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