Etah News: सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, आस्था की मिसाल बनी एटा की शिव नगरी

Etah News: परसोन के प्राचीन शिव मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, जहां की एक मान्यता है कि यहां भगवान शिव से की गई मनौती अगली सावन तक पूरी हो जाती है।

Sunil Mishra
Published on: 14 July 2025 5:19 PM IST
Etah News: सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,  आस्था की मिसाल बनी एटा की शिव नगरी
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एटा में सावन के पहले सोमवार पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब  (photo: social media )

Etah News: सावन मास के पहले सोमवार को एटा जिला शिवमय हो गया। रात्रि से सुबह की पहली किरण के साथ ही "बोल बम" के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। भक्तों का हुजूम एटा के प्रसिद्ध प्राचीन कैलाश मंदिर, डाक बंगलिया प्राचीन शिव मंदिर, त्र्यंबकेश्वर महादेव (शहीद पार्क), हनुमानगढ़ी शिव मंदिर, जीसुखपुर हनुमान शिव मंदिर से लेकर जलेसर के पटना पक्षी विहार स्थित ऐतिहासिक 25 आईश्वर महादेव मंदिर और भगवान परशुराम की तपोस्थली परसोन के प्राचीन शिव मंदिर में उमड़ पड़ा। परसोन के प्राचीन शिव मंदिर का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, जहां की एक मान्यता है कि यहां भगवान शिव से की गई मनौती अगली सावन तक पूरी हो जाती है। इस दिन लोग श्रद्धा और भक्ति के साथ दर्शन करने, जलाभिषेक करने और प्रसाद चढ़ाने के लिए इन मंदिरों में जाते हैं, जो श्रद्धा और भक्ति की एक अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करता है।

एटा जनपद तथा आसपास के जनपदों के साथ-साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कासगंज जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल शोरम के लहराघाट कछला गंगा घाट के पतित पावनी गंगा का जल कावड़ में भरकर ले जाते हैं। वे भगवान शिव को यह जल अर्पित कर अपनी मनोकामना पूरी होने की कामना करते हैं या पूरी होने पर जलाभिषेक करते हैं। यह धार्मिक अनुष्ठान उनकी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जो भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

पुलिस प्रशासन की सजगता और समर्पण श्रावण मास की इस महापावन बेला में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर एटा अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह ने कमान संभालते हुए थाना कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत कैलाश मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा, यातायात और शांति व्यवस्था को लेकर सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। मंदिर परिसर के भीतर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सतर्कता से टली संभावित दुर्घटना, समय रहते उठा कदम

एटा अलीगंज मार्ग के गोलाकुआं-परसोन मार्ग स्थित नहर के पुल की एक ओर की दीवार क्षतिग्रस्त थी, जिससे हर साल श्रावण सोमवार को आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना हुआ था। लेकिन इस बार जिम्मेदार अफसरों की मुस्तैदी से समय रहते कार्यवाही हुई।

डीएम एटा प्रेम रंजन सिंह ने PWD विभाग को तत्काल सूचना दी और महज 24 घंटे के भीतर पुल की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया।शिव भक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर प्रशासन ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की।

श्रद्धा का समर्पण, आस्था की गूंज

एटा की सड़कों पर बम-बम भोले,हरहर महादेव के जयकारे और DJ की गूंज के बीच कांवरियों की टोलियां नाचते-गाते मंदिरों की ओर बढ़ रही थीं। रात्रि से ही शिवभक्त पैदल, बाइक, ट्रैक्टर और DJ की गाड़ियों के साथ जलाभिषेक हेतु निकल पड़े थे। हर मोड़ पर समाजसेवी संगठनों ने भंडारे, पानी, प्राथमिक उपचार के शिविर लगाकर सेवा धर्म निभाया।

बड़े-छोटे मंदिरों पर मेले जैसा उत्साह

जहां एटा के प्रसिद्द् कैलाश मंदिर और पटना पक्षी विहार इच्छेश्वर महादेव मंदिर जैसे बड़े मंदिरों पर भारी भीड़ उमड़ी, वहीं ग्राम जीसुखपुर, सिविल लाइन, काली मंदिर, पथवारी माता मंदिर जैसे सभी छोटे मंदिरों पर भी भक्तों ने बड़ी श्रद्धा से पूजा अर्चना कर भगवान शिव से मन्नतें मांगी और जलाभिषेक किया ।प्रशासन ने रुट डायवर्जन कर की यातायात और अतिक्रमण हटाकर व्यवस्था । श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रमुख मार्गों को वन-वे ट्रैफिक, पार्किंग स्थल, और जल चढ़ाने की अलग लाइन जैसे सुनियोजित प्रबंध किए गए थे।

पुलिस और प्रशासन की सतर्कता से ज्यादा अव्यवस्था की सूचना नहीं आई, जिससे आम जनता में संतोष और विश्वास का भाव देखा गया।सिर्फ एक दो स्थानों पर मार्ग दुर्घटना घटी जिनमें कोई जन हानि की सूचना नहीं है। प्रशासन ने एटा में कांवड़ियों के निकलने वाले मार्ग पर नगर में अतिक्रमण हटाया जहांएक व्यापारी ने पुलिस कर्मियों से अभद्रता कर थोडा माहौल खराब करने की कोशिश की किंतु प्रशासन ने उसे शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा दिया गया अब निष्कर्ष यह है कि सावन का यह पहला सोमवार एटा के लिए भक्ति, व्यवस्था और प्रशासनिक सजगता का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। जहां श्रद्धालुओं ने शिव की भक्ति में डूबकर मोक्ष की कामना की, वहीं प्रशासन ने सेवा और सुरक्षा से विश्वास जीता।

"हर-हर महादेव" की गूंज और प्रशासन की तत्परता ने यह सावन सोमवार एटा को यादगार बना दिया।

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