Etah News: दशहरा पर शस्त्र पूजन न होने से क्षत्रिय समाज में आक्रोश, 2 अक्टूबर को सम्मेलन का एलान

Etah News: दशहरा पर शस्त्र पूजन न होने से क्षत्रिय समाज आक्रोशित, एटा में 2 अक्टूबर को भव्य क्षत्रिय सम्मेलन व शस्त्र पूजन का आयोजन करने का सर्वसम्मति से निर्णय

Sunil Mishra
Published on: 29 Sept 2025 7:32 PM IST
Anger in Kshatriya society over non-worship of weapons on Dussehra, Alan of conference on October 2
X

दशहरा पर शस्त्र पूजन न होने से क्षत्रिय समाज में आक्रोश, 2 अक्टूबर को सम्मेलन का एलान (Photo- Newstrack)

Etah News: एटा। दशहरा पर्व पर शस्त्र पूजन न कराए जाने से क्षत्रिय समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिला। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को जनपद मुख्यालय स्थित रेलवे रोड पर अतिथि निवास में क्षत्रिय समाज की सामूहिक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संरक्षक आई.पी. सिंह चौहान ने की जबकि संचालन भाजपा नेता युवराज सिंह रघुवंशी ने किया।

शस्त्र पूजन का किया जाएगा आयोजन

बैठक में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी 2 अक्टूबर को अतिथि निवास, एटा में भव्य क्षत्रिय सम्मेलन एवं शस्त्र पूजन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील सोलंकी ने महासभा के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विजयदशमी क्षत्रिय समाज का पारंपरिक पर्व है, और इस बार किसी भी संगठन द्वारा शस्त्र पूजन न कराने से समाज में असंतोष फैला है।

परंपरा को जीवित रखने के लिए वह समाज के सहयोग से इस आयोजन को भव्य रूप में कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।भारतीय हलधर किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि अब इस परंपरा को और भव्यता के साथ मनाने का संकल्प लिया गया है।

कार्यक्रम में करणी सेना जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह राठौर (बीनू) ने कहा कि दशहरा क्षत्रिय समाज का गौरवशाली उत्सव है और इसे उदासीनता से नहीं मनाया जा सकता। वहीं सभासद शांतनु चौहान (गुल्ली), पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील राठौर और अन्य वक्ताओं ने समाज की एकता और परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया।

क्षत्रिय समाज की एकता और परंपरा

बैठक में देवेंद्र सिंह राठौर, डॉ. कृष्ण तोमर, दुलारे भदौरिया, कौशलेंद्र सिंह राठौर (लवली), राजेश चौहान, जितेंद्र पाल सिंह राघव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। अंत में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 2 अक्टूबर का आयोजन क्षत्रिय समाज की एकता और परंपरा को सशक्त संदेश देगा।

1 / 6
Your Score0/ 6
Sunil Mishra
ABOUT THE AUTHOR

Sunil Mishra

Next Story