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Hapur News: ब्रजघाट में शनि अमावस्या पर आस्था का सैलाब, गंगा तट पर उमड़ा लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम
Hapur News: शनिवार को शनि अमावस्या के पावन अवसर पर ब्रजघाट, गढ़मुक्तेश्वर में लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान और पितृ तर्पण कर आस्था का परिचय दिया।
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Hapur News: शनि अमावस्या के पावन पर्व पर शनिवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही गढ़मुक्तेश्वर की तीर्थनगरी के ब्रजघाट की पावन धरा पर श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। सुबह चार बजे से ही गंगा तट पर ‘हर-हर गंगे’ और ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजने लगे। हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। घाटों पर स्नान के साथ पितरों की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना और तर्पण का क्रम पूरे दिन चलता रहा।
गंगा तट पर धार्मिक रौनक
शुक्रवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का ब्रजघाट पहुंचना शुरू हो गया था। भोर होते-होते घाट, धर्मशालाएं और मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए। स्नान के बाद लोग पूजा-पाठ, हवन और पिंडदान में लीन नजर आए। श्रद्धालुओं द्वारा गरीब और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य सामग्री का दान भी किया गया। इस धार्मिक माहौल ने ब्रजघाट की आध्यात्मिक छटा को और निखार दिया।
शनि अमावस्या का महत्व
स्थानीय तीर्थ पुरोहित राहुल शुक्ला ने बताया कि शनि अमावस्या का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और पितृ तर्पण से पूर्वजों को शांति मिलती है और शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। इसी कारण हजारों लोग दूर-दराज से आकर इस दिन दान-पुण्य और सेवा का कार्य करते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
व्यवस्था में पुलिस की सतर्कता
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी से मोर्चा संभाला। हाइवे-9 पर यातायात बिना रुकावट चला, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिसकर्मियों के साथ-साथ गोताखोरों की टीम भी तैनात रही ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
भक्ति और मानवता का संगम
शनि अमावस्या पर ब्रजघाट में भक्ति और परोपकार का अद्भुत मेल देखने को मिला। घाटों पर हवन, पूजन और भजन-कीर्तन के साथ दान-पुण्य का माहौल रहा। यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सौहार्द और मानवता का संदेश भी देता है। आस्था और सेवा का यह संगम ब्रजघाट को आध्यात्मिक उत्साह और सामाजिक एकता का प्रतीक बना गया।


