TRENDING TAGS :
Hapur News: दबाव में काम नहीं करेंगे, कहकर बैंकर्स ने छोड़ दी बैठक, CDO ने DM और कमिश्नर अवगत कराकर शासन को भेजा पत्र
Hapur News: बैंक प्रबंधकों ने कहा कि जिसको जो करना है कर लेगा, वह दबाव में काम नहीं करेंगे।
दबाव में काम नहीं करेंगे, कहकर बैंकर्स ने छोड़ दी बैठक (photo: social media )
Hapur News: शासन की प्राथमिकता वाली मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को लेकर बुलाई गई बैठक में हंगामा हो गया। सीडीओ के आदेश पर बुलाई गई बैठक को प्रथमा बैंक (यूपी ग्रामीण बैंक) के मैनेजर बीच में छोड़कर चले गए। इनको लक्ष्य पूरा करने तक मीटिंग हाल में ही बैठे रहने का आदेश दिया गया था। इस पर बैंक प्रबंधकों ने कहा कि जिसको जो करना है कर लेगा, वह दबाव में काम नहीं करेंगे। बैंक प्रबंधन के व्यवहार को सीडीओ ने अनुशासनहीनता और शासन के अभियान में रुचि नहीं लेने के रूप में माना है उन्होंने डीएम को जानकारी देने के साथ ही प्रथमा बैंक के प्रबंधकों के खिलाफ शासन को पत्र भेजा जा रहा है। इससे जिले के सभी बैंकर्स में हड़कंप मचा है।
युवाओ को रोजगार योजना की निगरानी स्वयं कर रहें सीएम
शासन ने युवाओ को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजना संचालित की हुई है। इस योजना की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री कर रहे हैं। पिछले महीने हापुड़ युवा उद्यमियों को बैंक ऋण कराने में प्रदेश में पहले स्थान पर था। अब यह रेंकिंग गिरकर 20 वें स्थान पर पहुंच गई है। इसको लेकर अधिकारियों पर दबाव है। सीडीओ हिमांशु गौतम ने इसके चलते ऐसे बैंकर्स की मीटिंग बुलाई थी, जिनका लक्ष्य पिछड़ा हुआ था। इसमें यूनियन, यूको, इंडियन और प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधकों को बुलाया गया था। बैठक में कुल 32 बैंक प्रबंधक उपस्थित थे, जिनमें से 16 प्रथमा बैंक के थे। सीडीओ ने इन सभी को योजना की फाइल का लक्ष्य पूरा करने को कहा। जब तक लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता है, तब तक मीटिंग हाल में ही बैठे रहने को कहा गया।
दोपहर में सीडीओ अपने कार्यालय में थे। इसी दौरान प्रथमा बैंक के मैनेजर ने मीटिंग छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि जिसको जो करना है कर लेगा, दबाव में काम नहीं करेंगे। इसके साथ ही वह मीटिंग छोड़कर चले गए। उन्होंने अन्य बैंकों के प्रबंधकों से भी मीटिंग छोड़ने की अाग्रह किया, लेकिन वह नहीं उठे। इस दौरान प्रथमा बैंक के सभी बैंक प्रबंधक मीटिंग छोड़कर चले गए। इसकी जानकारी मिलते ही विकास भवन में हड़कंप मच गया। कई अधिकारियों-कर्मचारियों ने प्रथमा बैंक के प्रबंधकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानें। इस पर सीडीओ ने डीएम को मामले की जानकारी दी। उसके साथ ही मंडलायुक्त, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग और प्रथमा बैंक (यूपी ग्रामीण बैंक) के मुख्यालय को पत्र भेजकर घटनाक्रम की जानकारी दी जा रही है। वहीं प्रबंधकों के व्यवहार को अनुशासनहीनता और शासन की योजना में सहयोग नहीं करने के रूप में देखा जा रहा है।
हर बार बनाना पड़ता है दबाव
सीडीओ हिमांशु गौतम का कहना हैं कि,प्रशासन को योजनाओं का क्रियान्वयन कराने के लिए हर बार दबाव बनाना पड़ता है। मार्च में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से ठीक पहले मीटिंग हाल के बाहर पुलिस लगाकर कार्य पूरा कराया था। वहीं पिछले दिनों मीटिंग में नहीं पहुंचने पर कई बैंक प्रबंधक को पुलिस को भेजकर बुलवाना पड़ा था। अब यह तीसरा मौका था, जब प्रबंधकों को बैठकर कार्य पूरा करने को गया था। उस पर यह घटना हो गई।
लीड बैंक मैनेजर राजीव गुप्ता का कहना हैं कि बैंक प्रबंधकों से पात्रों को तलाशकर फाइल पूरा करने को कहा जा रहा है। जबकि पात्र तलाश करना और फाइल पूरा करना बैंक का कार्य नहीं है। कल ही सवा दो सौ फाइल आई हैं। उनको पूरा करने से पहले जांच करानी पड़ती है। एक साथ फाइल पास नहीं की जा सकती हैं। प्रशासन की ओर से दबाव बनाया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ बैंक प्रबंधक मीटिंग छोड़कर चले गए। प्रथमा बैंक का कार्य ज्यादा पिछड़ा हुआ है। मैं इस मामले को दिखवा रहा हूं।
बैंक प्रबंधक प्रथमा बैंक विजय कुमार ने बताया कि बैंक आरबीआइ की गाइडलाइन के अनुसार चलेंगे। प्रशासन दबाव बनाकर मनमाने तरीके से बैंक ऋण कराना चाहता है, वह नहीं होने दिया जाएगा। हमको कल पूरे दिन बैठाए रखा। आज फिर बैठाकर चले गए और आए ही नहीं। हमने यूनियन में बात कर ली हैं। हम फाइल लेने नहीं जाएंगे। हमको फाइल पोर्टल पर चाहिएं।


